NRC Full Form क्या है NRC जानिए हिंदी में..??

NRC Full Form Hindi

NRC Full Form: दोस्तों पहले हमारा देश बहुत बड़ा था लेकिन जब भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ, तो काफी संख्या में दोनों तरफ से शरणार्थियों का स्थानांतरण हुआ। इन्ही कारणों के चलते हमारा देश अलग हो गया है और हिंदुस्तान व पाकिस्तान हो गया लेकिन जब बंटवारा हुआ तो कुछ लोग भारत में रह गए और कुछ लोग पाकिस्तान चले गए। उस बंटवारे में जो भी लोग पाकिस्तान गए उनकी कुछ सम्पति भारत में ही रह गई जिसके कारण से लोगों का भारत आना जाना शुरू हो गया। और इस कारण लोगों के मध्य में ये फर्क ही नहीं हो पाया कि कौन भारतीय है और कौन दूसरे देश का तो जिसकी वजह से हमारे देश को बहुत मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। इससे हमारे देश के कई क्षेत्रों मे बहुत कुछ प्रभाव पड़ता था। इस कारण कई बार आतंकवादी भी हमारे देश में आ जाते थे और देश का नुकसान किया करते थे।

इसी को जानने के लिए की कौन भारत देश का है और कौन दूसरे देश का है, जिससे ये पहचान किया जा सके कि कितने लोग दूसरे देश से भारत में आते है। जिससे हमारा देश और भी Alert हो जाता और सुरक्षा के जबरदस्त इंतजाम किए जाते फिर किसी भी तरह का Terrorist Attacks नहीं होता इसलिए NRC हमारे देश में बहुत जरुरी है। इसी समस्या से निपटने के लिए वर्ष 1951 में NRC तैयार किया गया था।

दोस्तों आज के इस Post में हम आपको NRC से संबंधित बहुत ही महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले हैं। NRC Full Form , NRC क्या है। , इसकी आवश्यकता क्यों है आदि विषयों में विस्तृत जानकारी प्रदान करने वाले है। इसके बारे में आप सभी को जानकारी होना बहुत आवश्यक है। इसलिए हमारे आज के Post को अंत तक जरूर पढ़ें।

NRC Full Form

दोस्तों NRC Full Form- National Register Of Citizens होता है। तथा NRC Full Form In Hindi “भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर” हैं।

NRC क्या है?

दोस्तों NRC National Register Of Citizens यानि की भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर ये एक भारतीय नागरिक की पहचान के लिए होता है। इसका मकसद अवैध यानि की गलत रूप से भारत में बसे जो घुसपैठिए है उनको बाहर निकालना है। NRC के अंतर्गत भारत सरकार अपने लोगों को Register करती है। NRC से ये पता चलता है की ये लोग हमारे देश के नागरिक है। और अन्य लोग या बाहरी लोग जो लोग इसमें Register नहीं करवा पाते है वो लोग दूसरे देश के लोग कहलाते है। जिससे हमारे देश की सरकार को आसानी से मैं मालूम चल जाता है की ये लोग दूसरे देश के है और उन पर किसी भी तरह का Action ले सकते है। यानी उन सभी लोगों को जो दूसरे देश के निवासी हैं। चाहे नौकरी के कारण या अन्य किसी कारणों से हमारे देश में आए हैं तो उनको उनके देश भेज पाते है। तो जरा सोचिए की इससे हमारा देश को कितना लाभ होता है।

NRC Full Form
National Register Of Citizens

यहां पर हम आपको असम का Example दे तो NRC की शुरुआत 2013 में सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में असम में हुई थी। यह अभी तक केवल असम में ही लागू हुआ है क्यूंकि वहां पर ज्यादातर दूसरे देश के लोग रहते थे। असम NRC मुख्य रुप से उस राज्य में रहने वाले भारतीय नागरिको की एक सूची है। हमारे भारत सरकार ने इस प्रक्रिया को 1986 ई. में Citizenship Act में संशोधन कर असम के लिए विशेष प्रावधान किया जिससे उन्ही लोगों को इस Register में शामिल किया जाएगा। जो लोग असम में 12 साल से रह रहे है यानी की 1771 से पहले के लोगों को ही असम के नागरिक माना जाता है यानी की उनके पूर्वजों से लेकर 25 साल असम में होना चाहिए। अभी तक हमारे देश में केवल एक ही State असम में NRC हुआ है। हमारे देश के State में पहली बार National Citizens Register 1951 में बना था। 2017 में असम सरकार द्वारा NRC मसौदे का पहला Addition जारी किया गया। जो कि उस समय से अभी तक नहीं हुआ है। इसीलिए बहुत सारे देश के लोग यानी की बांग्लादेश और पाकिस्तान हमारे देश में आ गए है इसीलिए फिर से NRC होने की तैयारी की जा रही है। NRC इसमे धर्म के आधार पर लोगों को बाहर करने का कोई प्रावधान नही है।

भारत में NRC का इतिहास

दोस्तों , भारत में NRC का इतिहास बहुत पुराना है। NRC को भारत की जनगणना 1951 के लिए उसके अंतर्गत ही लाई गई थी। इसके बाद, 1951 में ही इसे तैयार किया गया था। इसे उस समय के जनगणना के दौरान वर्णित सभी व्यक्तियों के विवरणों के आधार पर ही तैयार किया गया था। जो लोग असम में बांग्लादेश बनने के पहले यानी कि 25 मार्च 1971 के पहले आए है। केवल उन्हें ही भारत का नागरिक माना जाये इस उद्देश्य से ही इसे तैयार किया गया था। 1979 में असम में घुसपैठियों के खिलाफ All Assam Students Union ने आंदोलन किया था। इसके बाद सन् 1985 को केंद्र में राजीव गांधी सरकार ने असम गण परिषद से समझौता कर इसके तहत 1971 से पहले जो भी बांग्लादेशी असम में घुसे है। , उन्हें भारत की नागरिकता दिए जाने का प्रावधान किया। इसके बाद 2005 में कांग्रेस सरकार ने इस पर काम शुरू किया। और 2015 में सुप्रीम Court के दिए गए निर्देश पर इसमें तेजी आई।

इसके बाद असम में नागरिकों के सत्यापन का काम शुरू हुआ। 31 दिसंबर 2017 को बहु-प्रतीक्षित NRC National Register Of Citizens का पहला Draft प्रकाशित किया गया। कानूनी तौर पर भारत के नागरिक के रूप में पहचान प्राप्त करने हेतु असम में लगभग 3.29 करोड आवेदन प्रस्तुत किये गए थे। , उन 3.29 करोड़ आवेदन में से कुल 1.9 करोड़ लोगों के नाम को ही इसमें शामिल किया गया है। और फिर 20 नवम्बर 2019 को भारत के गृहमन्त्री श्री अमित शाह जी ने संसद में कहा था कि इसका पूरे भारत में विस्तार किया जाएगा।

NRC होने के फायदे

दोस्तों NRC हमारे देश और देश के सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। बशर्ते ये सही तरीके से हमारे देश में होता है तो , सही तरीके से NRC के फायदे भी बहुत है और अगर सही तरीके से NRC नहीं हो पाता है तो नुकसान भी बहुत है। NRC होने का सबसे पहला और बड़ा फायदा तो यह है की भारत सरकार बहुत ही आसान तरीके से दूसरे देश के लोगों की पहचान कर पायेगा। देश में हो रहे आतंकवादी हमले को रोकने में इससे बहुत सहायता मिलेगी। दरअसल पिछले कई दशकों से हमारे राज्य में पड़ोसी देशों खासकर बांग्लादेश से हो रही अवैध घुसपैठ से वहां जनसंख्या का संतुलन बिगड़ने लगा है जिसके कारण वहां के लोग NRC Update करने की मांग कर रहे थे।

NRC होने के नुकसान

ये तो हम सभी जानते हैं की अगर कुछ चीजों के फायदे होते है तो उसका कुछ न कुछ नुकसान भी होता है। ठीक इसी तरह अब हम आपको बताएंगे कि NRC से क्या क्या नुकसान भी हो सकता है। सबसे पहले तो अगर आप अपने आप को भारतीय नागरिक साबित नहीं कर पाते है तो आप दूसरे देश के नागरिक माने जायेंगे। और ये Proof आपको 1971 ई. से आपको अपना दस्तावेज मे साबित करना होगा यानी की इसमें आपको अपने दादा-दादी के दस्तावेज को साबित करना होगा। यानी की किसी भी तरह से अपने Relation को 25 साल से पहले ये साबित करना होगा। की आपके दादा इस देश में रहें है और अगर आप ऐसा नहीं कर पाते है तो आपके भारत में सभी अधिकार को छीन लिया जायेगा। जिससे आप बिलकुल अनाथ हो जायेंगे यानी की भारत सरकार के द्वारा आपको किसी भी तरह का कोई Facility नहीं दिया जायेगा तो जरा सोचो ये कितना जरूरी चीज है। हालाँकि हम ये भी कह सकते है कि सरकार का यह फैसला गलत नहीं है , क्योंकि अगर आप पिछले 25 से ज्यादा सालो से यहाँ रह रहें हैं। तो आपके पास उसके कुछ न कुछ Documents और Papers तो होगे ही लेकिन जो गलत मकसद से बिना भारतीय नागरिकता प्राप्त किये भारत में रह रहे हैं उनकी इससे पहचान करना सरकार के लिए आसान काम होगा।

NRC में नाम Register करवाने हेतु जरूरी दस्तावेज़

जैसा की हम सभी जानते हैं कि NRC वर्तमान समय में सिर्फ असम में लागु हैं। और इसमें Register करवाने के लिए आपको सरकार द्वारा जारी किये निम्नलिखित Documents की जरुरत होगी।

1. Aadhar Card
2. LIC की बीमा Policy
3. जमीन और किरायेदारी के दस्तावेज
4. Birth Certificate
5. Authority द्वारा जारी Licence/Certificate
6. Bank या Post Office में Account
7. किसी भी State या University से प्राप्त शिक्षण प्रमाण पत्र
8. नागरिकता प्रमाण पत्र
9. न्यायलय Record से जुड़ा दस्तावेज आदि।

NRC को लागू करने की आवश्यकता

1. दोस्तों, सरकार को असम में अवैध रूप से निवास कर रहे लोगों को निकालने के लिए NRC यानि कि National Register Of Citizens का अभियान चलाया। यह दुनिया के अब तक के सबसे बड़े अभियानों में से एक है।
2. इसके अंतर्गत असम मे अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहले पहचान की जाएगी फिर उन्हें वापस उनके देश भेजा जाएगा। असम में रह रहे लगभग लोगों मे 50 लाख बांग्लादेशी गैर-कानूनी ढंग से रह रहे हैं। , जिसकी वजह से दशकों से कई तरह की सामजिक और आर्थिक समस्याए बनी हुई है।
3. NRC उन्हीं राज्यों में लागू होती है जहाँ से अन्य देश के नागरिक भारत में प्रवेश करते हैं। NRC की Report ही बताती है।, कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं है। यदि वह व्यक्ति भारतीय है। तो उन्हें सामान रूप से वह सभी अधिकार प्राप्त होंगे, जो एक भारतीय को प्राप्त है।

NRC से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम

1. 1951: पहली बार NRC तैयार किया गया था।
2. 1971: भारत-पाकिस्तान युद्ध और बड़ी मात्रा में बांग्लादेशी शरणार्थियों का भारत में प्रवेश।
3. 1970- 80: असम में जनांकिकीय परिवर्तन हुए और उसके परिणामस्वरूप अवैध शरणार्थियों और राज्य के निवासियों के बीच सामाजिक , जातीय और वर्ग संघर्ष शुरू हो गए थे।
4. 1979-85: AASU यानि की All Assam Students Union असम स्टूडेंट्स यूनियन के नेतृत्व में असम विद्रोह शुरू और इसको ऑल असम गण संग्राम परिषद का भी समर्थन प्राप्त हुआ था।
5. 1985: असम समझौते पर हस्ताक्षर और 1951 में प्रकाशित राष्ट्रीय नागरिक Register का अद्यतन किया जाना।
6. 2012-13: सर्वोच्च न्यायालय का हस्तक्षेप, केंद्र सरकार को NRC को Update करने का दिया निर्देश।
7. 31 अगस्त 2019 – NRC की अंतिम सूची जारी , करीब 19 लाख लोग हुए बाहर , NRC में गड़बड़ी का आरोप।

दोस्तों आज की Post में हमने आपको जानकारी दी NRC Full Form In Hindi और NRC क्या है जानिए हिंदी में , आपको हमारा ये पोस्ट कैसा लगा हमे जरुर बताएं।
साथ ही अगर आपके पास इस विषय से जुड़ी कोई सवाल या जिज्ञासा है तो आप वो भी हमें बता सकते हैं।

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