NIFTY Full Form NIFTY क्या है? NIFTY-50 क्या है?

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दोस्तो अक्सर आपने लोगो को Nifty के बारे में बात करते हुए देखा होगा। मगर आप मे से बहुत कम लोगो को Nifty के बारे मे पता होगा। आप मे से जिन्हें इसके बारे मे जानकारी नही है वह तो कई बार यह सोचते होंगे की आखिर यह Nifty है क्या और किस क्षेत्र से संबंधित शब्द है। NIFTY Full Form क्या है? जब आपने Share Market के बारे मे जानना चाहा तो आपने Stock Exchange के साथ Nifty-50 का नाम भी जरूर सुना होगा और इसके साथ ही News Papers, News Channels, TV और Radio पर भी Sensex और Nifty के बारे मे सुनने को मिलता है। कभी Sensex और Nifty इतना अंक ऊपर चला गया तो कभी इतने अंक नीचे गिर गया या फिर इतने अंकों के साथ Share Market में गिरावट दर्ज की गयी।

Share Market मे Sensex और Nifty के इसी उतार चढ़ाव पर हर एक Investor की निगाहें टिकी रहती है। आप मे से जो भी लोग Share Market में Investment कर रहे है या भविष्य मे करने के बारे मे सोच रहे है तो उनको Nifty के बारे मे जानना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। इसलिए आज के इस Post मे हम आपसे Nifty से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों जैसे कि Nifty क्या है, Nifty Full Form, Nifty का प्रयोग, Nifty से फायदे, आदि को साझा करेगे।

Nifty Full Form क्या है?

Nifty Full Form ”National Stock Exchange Fifty” है। आसान भाषा मे Nifty वह है जो आपको देश के Top 50 Companies के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करती है। जहाँ से हम Shares की खरीद और बिक्री करते है। आइये जानते है निफ़्टी के बारे में।

Nifty क्या है?

दोस्तो Equity Trading के मामले में Nifty सम्पूर्ण विश्व मे सबसे बड़े Share Exchange मे से एक है। National और Nifty इन दो शब्दों से मिलकर बना यह मुख्यतः National Stock Exchange मे 50 प्रमुख सूचीबद्ध Share Index है। इसलिए आप में अधिकतर लोग इसको Nifty– 50 के नाम से भी जानते है। देश के ही लगभग 12 प्रमुख बाजारों से 50 Companies को Select किया जाता है जो कि आर्थिक रिश्तों से बहुत मजबूत होती है। सन् 2018 में Nifty-50 की Market Value लगभग 2.27 Trillion American Dollars था।

Nifty 50 के अंतर्गत 50 प्रमुख Companies को उनके द्वारा किए गए Investment के आधार पर Select किया जाता है। समय समय पर Index के Menu में Changes होते रहता है इसलिए उसके अनुसार Index का भी मूल्य बदल जाता है। इस बात का विशेष ध्यान रखे कि Nifty-50 (NIFTY Full Form) से Shares खरीदते समय पहले सही Broker का Selection करना बहुत आवश्यक है। क्योंकि Broker के बिना Nifty मे Investment कर पाना असंभव है।

Nifty का इतिहास

वैसे तो Nifty की स्थापना सन् 1994 में की गयी थी। मगर सन् 1995 को इसके वास्तविक आधार वर्ष के तौर पर माना जाता है। सन् 1994 ई. में शुरू की गई इस Nifty ने Electronic Screen पर Based Trading Format से काम करना शुरू किया गया था। इसके साथ ही यह पहला ऐसा Stock Exchange था जिसने सन् 2000 तक Nifty Internet के माध्यम से Trading करना शुरू कर दिया था। सन् 2018 में Nifty-50 की Market Value लगभग 2.27 Trillion American Dollars था।

Nifty का काम क्या है

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि Nifty के अंतर्गत देश के ही लगभग 12 प्रमुख बाजारों से Top 50 Companies को Select किया जाता है जो कि आर्थिक रूप से बहुत मजबूत होती है। तो Nifty का मुख्य काम यही है कि Nifty के द्वारा Top 50 Companies के हर तरह के Economic Details को देश के Financial Board पर रखती है। Share Market में Shares के Value की सम्पूर्ण जानकारी भी Nifty के द्वारा ही हम तक पहुचाता है। इसके साथ Nifty Index से आपको NSE Listed Companies के बारे मे भी सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करती है।

Nifty-50 मे Listed सभी Top 50 Companies के Economical Status से देश की Economy भी मजबूत होती है। इसके पश्चात Companies को Profit भी मिलना शुरू हो जाता है। NSE के अंतर्गत लगभग 2000 Companies का Details Listed है। 2000 से ज्यादा Companies के बारे में सम्पूर्ण जानकारी रखना भी काफी मुश्किल कार्य है। जहां तक रही बात Nifty-50 की तो इसके अंतर्गत Top 50 Companies के Shares का ब्यौरा आ जाता है। जिससे Investor को बड़ी आसानी होती है। Nifty – 50 के अंतर्गत जो भी परिवर्तन किए जाते है उसकी सम्पूर्ण प्रक्रिया Index Committee के द्वारा की जाती है। इसमें Banks और अनेक वित्तीय संस्थाएं आदि भी शामिल रहती है।

Nifty को Calculate कैसे किया जाता है

Free Float Market Capitalization Weighted के द्वारा ही Nifty की सम्पूर्ण गणना की जाती है। जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया है कि NSE यानी कि National Stock Exchange के अंतर्गत 2000 Companies Listed होती है। मगर Nifty मे ऐसा नही होता है Nifty 50 के अंतर्गत सिर्फ शीर्ष की Top 50 Companies को ही रखा जाता है और Nifty 50 Stock Exchange के अंतर्गत NSE के Top 50 Companies के Shares का सम्पूर्ण ब्यौरा आ जाता है। जिससे Investor को बड़ी आसानी होती है। दोस्तो यह वो Companies होती है जिनका Selection अलग अलग Sectors से किया जाता है। इनका Market Value पुरे Market Value से लगभग 60 प्रतिशत होता है। Nifty के ऊपर आने का सीधा सा मतलब होता है कि इन Shares की सबसे अधिक खरीददारी की गई है। जब मंदी का दौर आता है तब Nifty कम अंकों के साथ गिरने लगता है। बड़े बड़े Economists के ऊपर ही Nifty 50 में किए जा रहे सम्पूर्ण बदलाव निर्भर करता है।

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Nifty से क्या-क्या फायदे है?

  • Nifty 50 का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है कि आप इसके माध्यम से NSE किस कार्यप्रणाली पर कार्य करता है उसको बारे मे बड़ी ही आसानी से जाना सकते है।
  • National Stock Exchange के Shares मे होने वाले उतार चढ़ाव के बारे मे अनुमान भी लगाया जा सकता है।
  • Nifty 50 के माध्यम से हमारे देश की Economy को भी बखूबी आंका जा सकता है।
  • Nifty 50 के अंतर्गत किसी भी Companies को Nifty-50 का हिस्सा बनने हेतु लगभग बीते छ माह का Evaluation करना अनिवार्य होगा‌।
  • Stock या औसत प्रभाव 0.05% प्रतिशत से कम होना चाहिए। इसके साथ ही Company कम से कम NSE Stock Market के अंतर्गत 6 माह पुर्व Listed होनी चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusions)

आज की Post में हमने आपको जानकारी दी Nifty क्या है NIFTY Full Form, और इसके क्या क्या फायदे है। मै आशा करती हु की आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होगी और आपको Nifty से जुड़े सारे सवालों के जवाब भी मिल गए होगे। आपको हमारा ये Post कैसा लगा हमे जरुर बताएं। साथ ही अगर आपके पास इस विषय से जुड़ी कोई सवाल या जिज्ञासा है तो आप तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते है। ऐसे ही और जानकारी वाले लेख पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहिये।

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