ISO क्या है? ISO की जानकारी हिंदी में

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iso full form in hindi

प्रत्येक व्यक्ति यह चाहता है कि वह जिस वस्तु पर अपने पैसे खर्च करें वह वस्तु गुणवत्ता से भरी हुई हो। आप बाजार में कभी भी कोई सामान लाने जाते हैं उसे खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच अच्छे से करते हैं। ऐसे में आपने वस्तुओं की गुणवत्ता का मानक प्रदान करने वाले ISO Certificate के बारे में तो जरूर सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर ये ISO क्या होता है? ISO Full Form In Hindi क्या है? इसका उद्देश्य क्या है? इसका इतिहास क्या है? ISO सर्टिफिकेट क्या होता है?

जिन उत्पाद वस्तुओं सेवाओं का ISO Certificate प्रदान किए जाते हैं, उनका क्या महत्व होता है? अगर आप इन सब चीजों के बारे में नहीं जानते तो इस पोस्ट में हम आपको यह सब जानकारियां देंगे। तो चलिए शुरू करते हैं:-

ISO Full Form In Hindi

ISO का इंग्लिश Full Form “International Organization For Standardization”  तथा ISO Full Form In Hindi “अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन” होता है।

ISO शब्द Greek शब्द Isos से लिया गया है जिसका अर्थ होता है बराबर। इसके साथ ही यदि कोई भी ISO के नाम या फिर उसके Logo का बिना अनुमति के इस्तेमाल करता है तो इसे एक अपराध माना जाता है।

ISO क्या है?

ISO एक ऐसी संस्था है जिसका काम होता है किसी भी कंपनी या संस्था के Product की गुणवत्ता, उसके Management System आदि की जांच करना। इस जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि कोई कंपनी या संस्था सही तरीके से चल रही है या नहीं। इस तरह हम कह सकते हैं कि ISO एक “Quality Standards Certificate” है।

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ISO Full Form

ISO का उद्देश्य होता है विश्व भर के व्यापार, स्वामित्व, वाणिज्यिक मानकों को बढ़ावा देना। यह स्वतंत्र संगठन है जो कि अलग-अलग व्यवसाय या कंपनियों द्वारा निर्माण किए जाने वाले उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और उसकी दक्षता की जांच करता है। जो उत्पाद या सेवा इस पैमाने पर खरा उतरते है उन्हें एक मानक यानी की क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (Quality Standards) प्रदान किया जाता है।

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ISO का उद्देश्य

ISO यानी की अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (ISO Full Form In Hindi) का प्रमुख उद्देश्य होता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी वस्तुओं, सेवाओं और प्रणालियों के गुणवत्ता, सुरक्षा को सुनिश्चित करना।

इसका दूसरा उद्देश्य है भौतिक वैज्ञानिक, तकनीकी तथा आर्थिक गतिविधियों में सहयोग का विकास करना।

ISO का इतिहास

14 अक्टूबर 1946 को 25 प्रांतों के प्रतिनिधि लंदन की इंस्टीट्यूट आफ सिविल इंजीनियर में इकट्ठा हुए और उनके द्वारा मिलकर यह निर्णय लिया गया कि एक अंतरराष्ट्रीय संगठन की स्थापना की जाए जो कि अंतरराष्ट्रीय मानकों को समन्वय और एकीकरण की सुविधा प्रदान करती हो। इसके बाद 23 फरवरी 1947 को ISO यानी की अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन (ISO Full Form In Hindi) की स्थापना की गई थी।

स्विजरलैंड के जिनेवा शहर में ISO का मुख्यालय है। ISO में 165 से ज्यादा सदस्य हैं। इसके अलावा इसमें कई टेक्निकल कमेटी और सब कमेटी भी शामिल है जो मानव के विकास की देखभाल करती है। वर्तमान में ISO के जरिए 22,041 मानक प्रकाशित किए जा चुके हैं।

ISO Certificate की fee क्या है?

कई लोग यह जाना चाहते हैं कि ISO Certificate की Application की फीस कितनी होती है। हम आपको बता दें, ISO Certificate की एप्लीकेशन की फीस पूरी तरह से अपने संगठन के आकार पर निर्भर करती है। यदि किसी संगठन में कम लोग काम करते हैं तो इन सभी चीजों का ध्यान रखते हैं यह ISO सर्टिफिकेशन एजेंसी उनसे पैसे लेती है। आइए विस्तार से जानते हैं ISO की फीस किस आधार पर निर्धारित की जाती है:-

  • संगठन का आकार क्या है?
  • संगठन में कर्मचारियों की संख्या क्या है?
  • संगठन की प्रक्रिया
  • संगठन के Working Shifts की संख्या क्या है?
  • संगठन के Management system की Complexity क्या है।

इस आधार पर ISO सर्टिफिकेशन के एप्लीकेशन फी का निर्धारण किया जाता है। इसके साथ ही ISO सर्टिफिकेशन के लिए प्रक्रिया का समय भी अलग संगठन के लिए अलग-अलग होता है। आइए जानते हैं:-

  • छोटे संगठन- 6 से 8 महीने
  • मझोले संगठन – 8 से 12 महीने
  • बड़े संगठन- 12 से 15 महीने

ISO की मुख्य भाषाएं क्या है?

ISO की मुख्य भाषाएं फ्रेंच, रशियन और अंग्रेजी हैं।

ISO के लाभ

अंतरराष्ट्रीय मानक का अर्थ होता है उपभोक्ता को यह विश्वास दिलाना है कि उनके प्रोडक्ट विश्वसनीय है तथा उच्च गुणवत्ता के हैं। आइए जानते हैं ISO के क्या लाभ हैं।

  • ISO का Certificate जिस भी कंपनी को मिलता है उस कंपनी का प्रोडक्ट बाजार में विश्वसनीयता प्राप्त करता है। इससे कंपनी की विश्वसनीयता में भी इजाफा होता है।
  • किसी भी प्रोडक्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करना।
  • ऐसी वस्तुओं को लेकर ग्राहक का विश्वास बढ़ता है साथ ही नए ग्राहक भी आकर्षित होते हैं।
  • इससे ग्राहकों को अच्छे और खराब गुणवत्ता के वस्तुओं में फर्क पता चलता है।
  • ग्राहक अपने लिए शुद्ध और उपयुक्त प्रोडक्ट खरीद पाते हैं।
  • कंपनी की वस्तुओं और लागत में सुधार होता है।
  • ISO के जरिए व्यापार में पारदर्शिता तथा शुद्धता में बढ़ोतरी होती है।
  • इससे वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनती है।
  • अंतरराष्ट्रीय मानकों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक (Negative) प्रभाव कम होते हैं।
  • सरकारी टेंडर की बोली के लिए ISO रजिस्ट्रेशन होना जरूरी होता है। ऐसे में ISO रजिस्टर्ड कंपनियां है इसमें बोली लगा सकती हैं।

ISO के Popular मानक

ISO के द्वारा जारी किए गए कुछ प्रमुख मानक है:-

  • ISO 9001:2008 (Quality Management)
  • ISO 9001:2015 (Quality Management System)
  • ISO 14001 :2015 (Environment Management System)
  • ISO 37001 (Anti-Bribery Management)
  • ISO 31000 (Risk Management)
  • ISO 27001 (Information Security Management System)
  • ISO 10002 (Complaint Management System)
  • ISO 26000 (Social Responsibility)
  • ISO 28000 (Security Management)
  • ISO 22008 (Food Safety Management)
  • ISO 639 (Language Code)
  • ISO 4217 (Currency Codes)
  • ISO 8601 (Date And Time Format)
  • ISO 50001 (Energy Management)
  • ISO 3166 (Country Codes)
  • ISO 8601 (Data And Time Format)
  • ISO 20121 (Sustainable Events)
  • ISO 17025 (Testing And Calibration Laboratories)
  • ISO 13485 (Medical Devices)
  • ISO 13216 (Isofix Child Seats For Cars)
  • ISO 9660 (ISO Images For Computer)
  • ISO 6 (Camera Film Speed)

ISO की सदस्यता श्रेणियां

ISO की सदस्यता को तीन भागों में विभाजित किया गया है जो कि निम्नलिखित है:-

  1. सदस्य संस्थाएं : इसमें राष्ट्रीय संस्थाओं का समय सम्मिलित किया जाता है जो हर देश में सबसे ज्यादा प्रतिनिधि मानक संस्था मानी जाती है। इन संस्था के सदस्यों को मतदान का अधिकार होता है।
  2. प्रतिनिधि सदस्य : इनमें उन राष्ट्र को शामिल किया गया है जिनका अपना कोई मानक संगठन नहीं होता।
  3. उपभोक्ता सदस्य : इनमें छोटी अर्थव्यवस्था वाले राष्ट्र को शामिल किया जाता है।

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निष्कर्ष (Conclusions)

इस लेख को पढ़ने के बाद हमे ये जानकारी हो गई की ISO Certificate किसी भी कंपनी या फिर Product की गुणवत्ता को दिखता है। अगर आपका Product ISO से certified है तो लोग उस पर ज्यादा भरोसा करेंगे । मैं उम्मीद करती हूं कि आपको ISO क्या है? ISO Full Form In Hindi क्या है के बारे में पता चला होगा अगर आपको इससे संबंधित कोई अन्य सवाल है तो आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं हम उसका जवाब जरूर देंगे।