CID क्या‌ हैं? CID और CBI में क्या अंतर है?

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cid full form in hindi

देश में जितनी तेजी से जनसंख्या में वृद्धि हो रही है, उतनी ही तेजी से आपराधिक मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। अक्सर हम इन आपराधिक घटनाओं से संबंधित खबरों को टेलीविजन, समाचार पत्र तथा टीवी सीरियल में सुनते-पढ़ते हैं। इन आपराधिक मामलों को लेकर हमेशा CBI और CID जांच की मांग उठाई जाती है। लेकिन बहुत से ऐसे लोग हैं जो इन दोनों शब्दों के अंतर को सही से समझ नहीं पाते इसीलिए इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि CID क्या है (What is CID?) और CBI क्या है? (What Is CBI?) और साथ में हम बात करेंगे की CID Full Form In Hindi क्या है और CID के क्या कार्य है इत्यादि।

दोस्तों आपने कभी टेलीविज़न पर CID से सम्बंधित Show तो देखे ही होंगे जिसमे कैसे कोई Special Department किसी Crime की Investigation करता है। उस TV Show या Serial से आपको अंदाजा लग जायेगा की आख़िरकार CID का किस प्रकार का कार्य होता है। खैर आपको कहीं कुछ देखने की जरूरत नहीं है क्यूंकि इस लेख में आपको CID के साथ साथ CBI से जुडी जानकारी मिल जाएगी और साथ में आपको ये भी पता चल जायेगा की इन दोनों में क्या अंतर है।

CID Full Form In Hindi

CID के बारे में जानने से पहले हमे ये जरूर पता होना चाहिए की CID की फुल फॉर्म क्या है। CID Full Form होता है “Crime Investigation Department” और अगर हम CID Full Form In Hindi की बात करें तो इसको हिंदी में “अपराध जांच विभाग कहा जाता है। CID के बारे में हमें इसके नाम से ही पता चार रहा है की ऐसा कोई विभाग जो आपराधिक जांच का कार्य करता हो।

CBI Full Form

CBI का Full Form होता है, Crime Bureau Of Investigation और हिंदी में इसे “केंद्रीय जांच ब्यूरो” के नाम से जाना जाता है।

यह थे CBI और CID के Full Form (Full Form Of CID and CBI) आइए, अब जानते हैं कि आखिर CID और CBI क्या होता है? (What Is CID and CBI). उसके बाद फिर हम जानकारी प्राप्त करेंगे की CBI और CID में क्या अंतर है।

CID क्या होता है? | What Is CID in Hindi?

CID यानी की अपराध जांच विभाग, यह किसी भी प्रदेश की पुलिस का जांच और खुफिया विभाग होता है। इस विभाग का काम होता है दंगा, हत्या, चोरी अपरहण आदि से संबंधित अपराधों की जांच करना और अपराधियों को ढूंढ निकालना। CBI के मुकाबले इसका कार्य क्षेत्र बहुत ही सीमित होता है क्योंकि यह सिर्फ एक ही राज्य में होने वाले मामलों की जांच करती है। प्रत्येक राज्य में अलग-अलग CID काम करती है। CID में काम करने वाले ऑफिसर पुलिस की तरह Uniforms नहीं पहनते बल्कि वह आम लोगों की तरह ही कपड़े पहनते हैं जिससे जांच के दौरान उन पर कोई शक ना करें।

इसकी स्थापना 1902 में की गई थी। उस दौरान पुलिस आयोग ने ब्रिटिश सरकार से इसकी स्थापना को लेकर सिफारिश की थी।

CID में शामिल होने से पहले पुलिस कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। CID को जांच का अधिकार वहां की राज्य सरकार या फिर उस राज्य से संबंधित उच्च न्यायालय देती है।

CID कैसे काम करती है?

CID में जो भी काम करता है उनको सबसे पहले एक Special Training दी जाती है जिसमे उनको Crime Investigation से सम्बंधित तथ्यों के बारे में सिखाया जाता है। CID में हर क्षेत्र के expert होते है जो छोटे छोटे सबूतों की मदद से बड़े खुलासे करने में सक्षम होते है, Computer Exptert से लेकर, Forensic Lab Experts की टीम CID में होती है और यह बहुत advance techniques का इस्तेमाल करती है।

CID Intelligence base पर काम करती है और इस Department का Intelligence का एक अच्छा नेटवर्क होता है जो इनके काम में इनकी मदद करता है। CID को राज्य सरकार द्वारा कुछ अधिकार प्राप्त होते है जिनका इस्तेमाल वो अपनी Investigation के दौरान करती है।

CID अपनी इन्वेस्टीगेशन की शुरुवात तब करता है जब उसको राज्य सरकार या फिर हाई कोर्ट से जांच करने का आदेश मिलता है। उसके बाद यह अपने आधिकारिक क्षेत्र पर पूरी निगरानी रखता है और जांच करने के बाद एक रिपोर्ट Submit करता है इसका मुख्य कार्य होता है अपराध की जांच करके अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाना।

CBI क्या है? (What Is CBI)

CBI यानी की केंद्रीय जांच ब्यूरो, यह एक ऐसी जांच एजेंसी है जो कि केंद्र सरकार के अंतर्गत काम करती है। इसका काम होता है, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली हत्या, भ्रष्टाचार, घोटालों जैसे आपराधिक मामलों की जांच करना। इस एजेंसी की स्थापना 1941 में की गई थी तथा इसे अप्रैल 1963 से केंद्रीय जांच ब्यूरो के नाम से जाना जाता है। दरअसल, 1963 में ‘संथानम समिति’ की सिफारिश पर इसे गृह मंत्रालय के अंतर्गत स्थापित किया गया था। लेकिन बाद में इसका स्थानांतरण कार्मिक विभाग के अंतर्गत कर दिया गया। इस Agency का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है। जब कभी ऐसी स्थिति आती है जब किसी राज्य में जांच की जानी जरूरी होती है, तब भारत सरकार ही सीबीआई को राज्य सरकार की सहमति पर उन राज्यों में जांच की अनुमति देती है।

जानिये CBI की आवश्यकता और कार्य हिंदी में

CBI और CID के बीच अंतर | Difference Between CBI and CID

हमने जाना सीबीआई (CBI) और सीआईडी (CID) क्या होते हैं? अब जानते हैं कि हम दोनों के बीच के मुख्य अंतर क्या है:-

CID Full Form In Hindi
Difference Between CID And CBI
  • CID जहां किसी राज्य के अंतर्गत आपराधिक मामलों की जांच करती है। वहीं CBI का काम होता है देश व विदेश में आपराधिक मामलों की जांच करना।
  • वे मामले जो CID के पास आते हैं उन्हें राज्य सरकार और हाईकोर्ट के समक्ष सौंपा जाता है। लेकिन CBI के पास आने वाले मामलों को केंद्र सरकार, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के पास सौंपा जाता है।
  • CID का कार्य क्षेत्र सीमित होता है क्योंकि यह सिर्फ एक राज्य के भीतर काम करती है और वहां आपराधिक गतिविधियों की जांच करती है। लेकिन CBI का कार्यक्षेत्र काफी बड़ा होता है क्योंकि यह सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मामले की जांच करता है।
  • CID में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों को पहले राज्य सरकार द्वारा आयोजित पुलिस परीक्षा को पास करना पड़ता है। इसके बाद उन्हें अपराध विज्ञान की परीक्षा भी पास करनी जरूरी होती है। वहीं दूसरी ओर CBI में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार SSC बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं को पास करते हैं।
  • CID के जांच के क्षेत्र होते हैं राज्य में होने वाले अपहरण, दंगा, हत्या, चोरी जैसे आपराधिक मामलों की जांच पड़ताल करना। वहीं CBI के जांच के क्षेत्रों में घोटाले, धोखाधड़ी, हत्या आदि मामलों को शामिल किया जाता है। यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन मामलों की जांच करते हैं।
  • जहां CBI की स्थापना 1941 में की गई थी। वही CID की स्थापना साल 1902 में की गई थी।

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निष्कर्ष (Conclusion):

इस लेख में हमने जाना CID क्या है?, CID Full Form In Hindi क्या है, CBI क्या है? CID और CBI के बीच अंतर क्या है? और CID से जुडी अतिरिक्त जानकारी। CBI और CID का अंतर जानने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि भले ही इन दोनों के बीच कई अंतर विद्यमान है। लेकिन इनमें कई समानताएं भी हैं जैसे यह दोनों ही एक खुफिया जांच एजेंसी विभाग है तथा इनमें शामिल होने वाले सभी अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण हासिल करना पड़ता है। देश-विदेश में हो रही आपराधिक मामलों की जांच में इन दोनों एजेंसियों की प्रमुख भूमिका होती है। भारत के अलावा विभिन्न देशों में भी इस तरह की जांच एजेंसियां होती है। लेकिन उन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है। भारत में जांच के लिए सीबीआई (CBI) और सीआईडी (CID) ही दो प्रमुख एजेंसियां है।