UPSC Full Form In Hindi UPSC क्या है? उसके कार्य और सम्बंधित जानकारी

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दोस्तों , हम सभी का सपना होता है कि हम भी उच्च प्रशासनिक पदों पर नौकरियां प्राप्त करे। जिसमें अच्छी Post के साथ अच्छा Salary Package हो , समाज मे हमे मान प्रतिष्ठा और Power प्राप्त हो इसलिए हर साल लाखों-करोड़ों Students के द्वारा UPSC Exam दिए जाते हैं। UPSC को भारत की सबसे कठिन परिक्षाओं में से एक माना जाता है। लेकिन आज भी बहुत सारे ऐसे नये विद्यार्थी है जिनको UPSC से संबंधित बहुत ज्यादा और जरूरी जानकारी नही है। अगर आप उच्च प्रशासनिक पदों में नौकरी करने का सपना देख रहे है तो आपको भी UPSC से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को जैसे कि UPSC Full Form In Hindi, UPSC के द्वारा आयोजित होने वाले सभी परिक्षाओं आदि के बारे में सम्पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। इसलिए दोस्तो आज के इस Post में हम आपसे UPSC से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में जानकारियों को साझा करेंगे। तो चलिए शुरू करते है।

UPSC का Full Form क्या है।

UPSC का Full Form Union Public Service Commission होता है। और UPSC Full Form In Hindi संघ लोक सेवा आयोग है। यह अखिल भारतीय सेवाओं और केंद्रीय सेवाओ के साथ-साथ भारतीय संघ के सशस्र बलों के लिए भी परीक्षाओं का आयोजन करती हैं।

UPSC क्या है।

दोस्तों , UPSC की स्थापना 1 अक्टूबर सन् 1926 ई. में हुई थी। यह भारत की एक बहुत महत्वपूर्ण केंद्रीय भर्ती Agency है। UPSC के द्वारा ही सभी मुख्य सरकारी पदों के लिए उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाती है। UPSC के ही अंतर्गत देश की सभी प्रमुख भर्ती परीक्षा आयोजित करवाई जाती है। वर्तमान समय में, अरविंद सक्सेना UPSC के अध्यक्ष हैं। UPSC के द्वारा ही हर साल कई परीक्षा अधिसूचनाएं जारी की जाती है , जिसमें लाखों उम्मीदवार विभिन्न रिक्त पदों के लिए परीक्षा में बैठते हैं। UPSC को भारत की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है।

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UPSC का इतिहास

भारत में 1854 ई. में British East India Company के द्वारा एक Merit Besis आधुनिक सिविल सेवा परीक्षा की अवधारणा लायी गई थी। शुरुआत में, भारतीय सिविल सेवा की यह परिक्षाएं London में ही आयोजित की जाती थीं। इसका मुख्य कारण यह भी था कि इसके पाठ्यक्रम को इस तरह से Design ही किया गया था कि इसमे केवल British Candidate ही सफल हो सके। इसके बाद , 1864 में, श्री रवींद्रनाथ टैगोर के भाई श्री सत्येंद्रनाथ टैगोर पहले भारतीय थे जिन्होंने इस परीक्षा को पास किया था। उसके बाद प्रथम विश्व युद्ध हुआ इसके साथ ही मोंटेग्यू चेम्सफोर्ड सुधार किए गए उसके बाद भारतीय सिविल सेवा परीक्षा को भारत में ही आयोजित किया जाने लगा। और फिर 1 अक्टूबर, 1926 को भारत में पहली बार लोक सेवा आयोग की स्थापना की गई थी। United Kingdom के Home Civil Services के मुख्य सदस्य रहे Sir Ross Barker को इस आयोग का पहला अध्यक्ष बनाया गया था। जहां तक रही बात संघीय लोक सेवा का संघ लोक सेवा आयोग के रूप में परिवर्तन होना का तो 26 जनवरी, 1950 को हमारे भारत का संविधान लागू हुआ था और इसके साथ ही , संघीय लोक सेवा को संघ लोक सेवा आयोग यानि कि UPSC के रूप में मान्यता दी गई थी।

UPSC के प्रमुख कार्य

हमारे भारत के संविधान के अनुच्छेद 320 के तहत UPSC के कार्यों में निम्नलिखित कार्य मुख्य रुप से शामिल है।

1. संघ की सेवाओं में रिक्त पदों के जितनी भी नियुक्तियां होनी है। ,उसके लिए भर्ती परीक्षा आयोजित करवाना।
2. पदोन्नति / प्रतिनियुक्ति / अब्ज़ॉर्प्शन पर कैडर में अधिकारियों की नियुक्ति।
3. सरकार के अधीन सभी सेवाओं और पदों के लिए भर्ती के नियमों का निर्धारण और उनमें संशोधन करना।
4.अलग-अलग Civil Services और अधिकारियों से संबंधित जितने भी अनुशासनात्मक मामलों है उनको Manage करना।
5. भारत के राष्ट्रपति द्वारा आयोग को सौंपे गए जो भी मामले है उन पर जरूरत पड़ने पर सरकार को सलाह देना।
6. आयोग विभाग से जुड़ी सभी पदोन्नति के लिए कई तरह की समितियों को बनाने का काम भी करता है।
7. जो भी बड़े-बड़े Exams आयोजित होते है। उन पर नियंत्रण और पुरी सुरक्षा और सावधानी के साथ उसे पुरा करवाने का काम भी यही आयोग करता है।

UPSC के अंतर्गत आयोजित होने वाली परिक्षाएं

दोस्तों UPSC को समझने के लिए आपको सबसे पहले UPSC के द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली सभी परीक्षाओं के बारे में अच्छे से जानना पड़ेगा। उसके बाद ही आप इस अच्छे से समझ पाएंगे। UPSC के द्वारा आयोजित परीक्षा निम्नलिखित है।

  1. NDA – National Defence Academy and Naval Academy Examination
  2. ISS – Indian Statistical Service Examination
  3. IES – Indian Economic Service Examination
  4. IFS – Indian Forest Service Examination
  5. Combined Geo-Scientist and Geologist Examination
  6. ICSE -Indian Civil Services Examination For Recruitment To IAS, IPS, IRS Officers Ets.
  7. Indian Engineering Services Examination
  8. Combined Medical Services Examination
  9. Central Armed Police Forces (ACs) Examination
  10. CDS – Combined Defence Services Examination
  11. Various Recruitment Tests for UPSC, EPFO, And Other Examinations.

UPSC में आवेदन हेतु Qualification

दोस्तों, ये तो हम सभी जानते हैं कि हर Exams के अपने एक तय पात्रता सीमा होती है। इसी तरह UPSC मे भी सभी Exams के अपने अलग अलग Qualifications होते है। अगर आप 12th Pass Out या फिर Graduate है तो आप UPSE Exams में बैठ सकते हैं। अगर आप अपने Graduation के Third Year यानी कि Graduation Appearing में है तो भी आप UPSE के Exams दे सकते है।

UPSC में आवेदन हेतु Age Limits

UPSE Exams में बैठने के लिए आपकी Minimum Age 21 वर्ष होनी चाहिए और Maximum Age की सीमा 32 वर्ष है। और अगर आप OBC है तब तो आपको 3 साल की छूट प्राप्त होगी और अगर आप SC या ST है तो आपको 5 साल की तक की छूट प्राप्त होती है।

UPSC Exams हेतु Syllabus

दोस्तों, ये तो आप सभी जानते है कि UPSC Exam के सभी पाठ्यक्रम को उसकी Qualification Level के अनुसार ही बनाया जाता है। आपको इसके Syllabus में कम से कम Graduate Level तक के Knowledge की जरूरत होती है। क्योंकि इस स्तर के अनुसार ही सभी Exams का Syllabus निश्चित होता है। ऐसे में कुछ Exams का Syllabus आपकी Subject के अनुसार भी हुआ करता है। UPSC Exams के Syllabus की जानकारी आप Online भी चेक कर सकते है।

UPSC Exams हेतु Maximum Attempts

अगर आप General Category से हैं तो आपको कुल मिलाकर 6 बार UPSC Exams में बैठ सकते है। और यदि OBC Category से है तो आप 9 बार UPSC Exams में बैठ सकते हैं। इसके अलावा SC और ST Category के लिए UPSC Exams में बैठने की कोई खास Limits Set नहीं है। वह अपने Age Limits के समाप्त होने तक UPSC Exams में बैठ सकते हैं।

UPSC Exams की भर्ती प्रक्रिया

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि UPSC विभिन्न तरह के Exams करवाता है।, जिनके बारे में ऊपर हमने आपको बताया है। सभी Exams की भर्ती की प्रक्रिया उनके अनुसार अलग-अलग हुआ करती है। मगर इन में से ज्यादातर Exams की चयन प्रक्रिया Written Exam और Interview पर ही आधारित हुआ करती है। इनके आधार पर ही Candidate का Selection किया जाता है। इन Exams के आधार पर ही Merit List जारी हुआ करती है। , जिसमें जिन भी Candidates को अधिक Number प्राप्त होते है। वही इसे Qualify कर पाते हैं।

UPSC Exams कितने चरण में होते हैं।

UPSC Exams मुख्यत तीन चरणों में होते हैं जिसकी जानकारी निम्नलिखित है। –

1. सबसे पहले प्रारंभिक Exams होती है। इसमे 200 , 200 Marks के सिर्फ 2 Paper 200, होते है। और जो भी Candidates प्रारंभिक Exams को पास करते है उन्हें ही अगले चरण यानि की मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है।

2. दूसरा होता है मुख्य परीक्षा जो बहुत कठिन होती है। इसमें कुल मिलाकर 9 Paper होते हैं जिनमें से आपके सिर्फ 2 Paper ही ऐसे होते है जो Qualified Nature के होते है। और बाकी के जो 7 Paper होते हैं वह आपकी Ranking को तय करते है। Qualified Nature के जो 2 Paper होते हैं वह दोनों ही 300, 300 Marks के होते हैं और बाकी के 7 Paper जोकि Merit Exams होते है। वो सभी 250 Marks के होते है।

3. इस प्रकार कुल मिलाकर 7 Merit Papers के Marks 1750 होते हैं जो Candidates मुख्य परीक्षा को पास करते है सिर्फ वही Final Exams यानी Interview के लिए बुलाए जाते है। और Interview में Total 275 Marks होते है। Interview Qualify करने के बाद ही Civil Services की जॉब मिल जाती है।

UPSC Exams से जुड़ी कुछ विशेष जानकारी

1. दोस्तों अगर आप UPSC से सम्बंधित कोई भी जानकारी लेने चाहते है तो आप इसके Official Website Online www.upsc.gov.in पर Visit कर सकते है। जहां पर आप इससे जुड़े जितने भी Exams है उसके बारे में जान सकते हैं। इसके साथ ही आप इसी Official Website पर Vacancies के लिए भी Apply कर सकते है।

2. UPSC के Exams के लिए लाखों Candidates Competitions के लिए बाहर जाकर पढ़ाई कर रहे हैं।

3. UPSC Exams के लिए अब शहरों में कई Coaching Center खुल गए हैं। जो सिर्फ इससे संबंधित Compition Exams की तैयारी करवाती है।

इनके बारे में भी जरूर जानिये:

दोस्तों आज की Post में हमने आपको जानकारी दी UPSC Full Form In Hindi और UPSC द्वारा करवाए जा रहे Exam के बारे में, आपको हमारा ये Post कैसा लगा हमे जरुर बताएं। साथ ही अगर आपके पास इस विषय से जुड़ी कोई सवाल या जिज्ञासा है तो आप वो भी हमें बता सकते हैं।