MLC क्या है? MLC कैसे बने? MLC के कार्य

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mlc full form in hindi

भारत के कई राज्यों में विधानसभा के साथ ही विधान परिषद भी अस्तित्व में होते हैं। इन राज्यों में मतदान के जरिए MLC का चयन किया जाता है। जैसे कि आप जानते हैं कि हमारे देश में दो सदन चलते हैं जिनमें केंद्र में लोकसभा और राज्यसभा तथा राज्यों में विधानसभा और विधान परिषद। हमारे देश में 6 ऐसे राज्य हैं जहां पर विधान परिषद का भी गठन किया जाता है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना और कर्नाटक शामिल है। क्या आपको पता है की MLC Full Form In Hindi क्या है और MLC का चुनाव कैसे किया जाता है।

इस चुनाव में हाई स्कूल के शिक्षक, कॉलेज के प्रोफेसर और प्रधानाचार्य भी MLC पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह चुनाव अन्य चुनावों से इस आधार पर अलग है कि इसमें आम जनता की भागीदारी नहीं होती। इन चुनावों में सिर्फ हाईस्कूल या उससे ऊपर पढ़ाने वाले शिक्षक को वोट डालने का अधिकार होता है। इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल के शिक्षक भी इसमें वोट डाल सकते हैं। लेकिन इन शिक्षकों को कम से कम 3 साल पढ़ाने का अनुभव होना चाहिए। आपने MLC के बारे में इतना सब कुछ जान लिया। आइए अब जानते हैं इसके बारे में विस्तार से:-

MLC Full Form In Hindi

MLC का English Full Form “Member Of Legislative Council” होता है और MLC Full Form In Hindi “विधान परिषद का सदस्य” है। आइये अब जानते हैं कि MLC आखिर होता क्या है?

MLC क्या है?

MLC विधान परिषद के सदस्य होते हैं जिन्हें 6 साल के लिए नियुक्त किया जाता है। इनका कार्य राज्य सभा के सदस्यों की तरह ही होता है तथा इनके अधिकार भी विधानसभा के सदस्यों के समान होते हैं। MLC के लिए चुनाव तो कराए जाते हैं लेकिन यह अप्रत्यक्ष चुनाव होते हैं तथा इन चुनावों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 और 171 के तहत करवाया जाता हैं। MLC के चुनाव के लिए जनता भागीदार नहीं होती। बल्कि इसके लिए राज्य सभा और विधान सभा तथा स्थानीय शिक्षकों की भागीदारी होती है।

आपको बता दें हर 2 साल में MLC के एक तिहाई से ज्यादा सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं। इसके साथ ही MLC न तो राज्य सरकारों को बना सकती है ना ही में भंग कर सकती है। अब तक हमने जाना MLC क्या है और MLC Full Form In Hindi क्या होता है। आइये जानते है MLC के क्या कार्य होते है।

MLC के कार्य

MLC का मुख्य कार्य सुझाव और सलाह देना होता है क्योंकि यह राज्यसभा को सलाह देते हैं तथा इसका अंतिम निर्णय विधानसभा करती है। विधान परिषद के पास शक्ति है कि वे राज्य सभा के सभी बिलों को स्वीकृत और अस्वीकृत कर सकती है। लेकिन बिलों को पास करने का अधिकार सिर्फ राज्यसभा के पास होता है। यह अधिकार विधान परिषद के पास नहीं होता।

MLC की योग्यता

  • MLC बनने के लिए भारत का नागरिक होना जरूरी है ।
  • MLC की आयु न्यूनतम 30 साल होनी चाहिए।
  • MLC के लिए उम्मीदवार को 3 साल की ग्रेजुएशन की डिग्री किसी मान्यता प्राप्त सरकारी विश्वविद्यालय से होनी चाहिए।
  • वह मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए तथा दिवालिया नहीं होना चाहिए।
  • वह जिस क्षेत्र के लिए वह खड़ा हो रहा है उसे उस क्षेत्र का निवासी होना चाहिए।
  • MLC का वोटर लिस्ट में नाम होना अनिवार्य है।
  • MLC इस दौरान किसी सरकारी पद पर नहीं होना चाहिए।
  • MLC उम्मीदवार को एक समय में संसद का सदस्य होना जरूरी है।

अगर आप में ऊपर बताई गई योग्यताएं है तो आप MLC के पद के लिए अप्लाई कर सकते हैं और इसका चुनाव लड़ सकते हैं। आइए अब जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे राज्य हैं जहां पर एमएलसी की व्यवस्था की गई है तथा यहां पर एमएलसी के चुनाव कराए जाते है।

वह राज्य जहां विधान परिषद की व्यवस्था है?

भारत के कुछ ही राज्यों में विधान परिषद की व्यवस्था की गई है। भारत के राज्यों में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना शामिल है। वर्तमान में सिर्फ इन्हीं राज्यों में विधान परिषद की व्यवस्था है। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेशों जैसे कि जम्मू कश्मीर, दिल्ली और पुडुचेरी में भी विधान परिषद का गठन किया गया है।

MLC के चुनाव की प्रक्रिया

आइए अब जानते हैं कि MLC के चुनाव की प्रक्रिया क्या होती है? दरअसल, MLC या विधान परिषद का सदस्य (MLC Full Form In Hindi) के चुनाव में सीधे लयआ आम जनता शामिल नहीं होते। बल्कि इसमें राज्य सभा और विधान सभा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। चलिए जानते हैं कि MLC के चुनाव की प्रक्रिया क्या होती है:-

  • विधान परिषद के सदस्यों के चुनाव में लोकसभा और विधानसभा के सदस्य शामिल होते है।
  • इस चुनाव में स्थानीय निकाय, नगर पालिका, जिला बोर्ड के सदस्य भी शामिल होते हैं।
  • MLC के चुनावों में 8 सदस्य शिक्षक भी शामिल होते हैं।
  • वोटिंग के जरिए जिस MLC का चुनाव किया जाता है उसका कार्यकाल 6 साल के लिए होता है। जैसे ही कार्यकाल समाप्त होता है फिर से MLC के लिए वोटिंग शुरू हो जाती है। और फिर से एम एल सी के पद के लिए आवेदन किया जा सकता है।

MLC का वेतन

MLC के सदस्यों का मासिक वेतन 1,20000 से 1,50000 के बीच होता है। यह वेतन राज्य सरकार के द्वारा दिया जाता है। MLC के सदस्यों के पास राज्यसभा के बराबर ही अधिकार होते हैं। जैसे कि स्पेशल सुरक्षा, गाड़ियां आदि। इससे पता चलता है कि MLC को अच्छा खासा वेतन भी मिलता है। तथा इनका वेतन राज्य सभा विधान सभा के सदस्यों के समकक्ष ही होता है।

विधान परिषद के गठन की प्रक्रिया

विधान परिषद के गठन के लिए संविधान में प्रावधान किए गए हैं। संविधान के अनुच्छेद 169, 711(1), 171(2) विधान परिषद के गठन की प्रक्रिया को समझाया गया हैं आइए जानते हैं इस प्रक्रिया को:-

  • इसका गठन करने के लिए विधानसभा के सदस्यों को दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करना जरूरी है। इसके पारित हो जाने के बाद ही इसे संघीय संसद के पास भेजा जाता है।
  • अनुच्छेद 171 (2) के अनुसार इसे लोकसभा तथा राज्यसभा में साधारण बहुमत से पारित किया जाता है।
  • इस प्रस्ताव को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाता है।
  • जब हस्ताक्षर हो जाते हैं तब विधान परिषद के गठन को मंजूरी मिल जाती है।

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निष्कर्ष (Conclusions)

इस लेख में हमने जाना कि MLC क्या होता है? MLC Full Form In Hindi क्या होता है? MLC के चुनाव की योग्यता क्या होती है तथा उससे जुड़ी कई जानकारियां। यदि आप MLC बनना चाहते हैं तथा इसके लिए निर्धारित योग्यताओं पर खरे उतरते हैं तो आप MLC पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने मित्रों के साथ शेयर करें। इसके साथ ही यदि आपको MLC से जुड़ी कोई बात समझ ना आई हो या तो आप कोई और अन्य बात जानना चाहते हो तो हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। हम आपकी मदद के लिए तत्पर रहेंगे। अभी के लिए धन्यवाद।