MSP क्या है? MSP को कैसे तय किया जाता है? MSP Full Form

msp kya hai

दोस्तों, हमारे भारत में किसान आंदोलन का इतिहास बहुत ही पुराना है जो कि आज से नही बल्कि मध्यकालीन समय से ही हो रहा है। वर्तमान समय मे भी हमे कई कारणों से ऐसी ही किसान आंदोलन देखने को मिल रहे है। जिसका मुख्य कारण सरकार के द्वारा किसानों के सम्बंध में लाया गया नया कानून है। जिसमे MSP यानि की न्यूनतम समर्थन मूल्य को समाप्त किया जा रहा है। इस कानून के लिए अगर सरकार के पक्ष को माने तो सरकार द्वारा लाए गए इस कानून से किसानों को कोई भी नुकसान नही होगा ओर न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP पर भी इसका कोई असर नही पड़ेगा। आज के इस Post में हम आपको MSP kya hai से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों के बारे मे बताने वाले है। इसलिए हमारे आज के इस Post को अंत तक जरूर पढ़ें।

MSP का फुल फार्म क्या है।

MSP Full Form – Minimum Support Price है। MSP एक महत्वपूर्ण Term है जिसको फसलों की एक तय शुल्क को निर्धारित किया जाता है। इस लेख में हमने MSP के बारे में गहराई से चर्चा की है, अतः इसको अंत तक पढ़े।

MSP Kya Hai?

दोस्तों, MSP यानि की Minimum Support Price यह एक ऐसी पद्धति है जिसके माध्यम से सरकार फसलों की एक तय शुल्क को निर्धारित करती है। किसानों के द्वारा जो ही फसलें बेची जाती है। उन सभी फसलों का सरकार के द्वारा एक Fix Rate निर्धारित किया जाता है। यह पद्धति किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। जिससे की किसी भी फसल का सरकार के द्वारा एक तय किमत Minimum Support Price निर्धारित होती है। जिस पर उस निर्धारित मुल्य कम दाम नही मिलता है।

MSP कैसे तय किया जाता है।

भारत मे सरकार के द्वारा किसी भी फसल पर MSP निर्धारित करने के लिए कई सारे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गौर किया जाता है। उसके आधार पर ही MSP को सरकार निर्धारित करती है जो की निम्नलिखित है।

1. आपूर्ति के आधार पर
2. उत्पादन की लागत के आधार पर
3. फसल की वर्तमान किमत के आधार पर

1. आपूर्ति के आधार– सबसे पहले बात करते है आपूर्ति के आधार पर, तो किसी भी फसल पर MSP तय करने के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण बिन्दुओं में से एक होता है आपूर्ति का आधार, इससे सरकार यह तय करती है की किस तरह से फसल का उत्पादन किया गया है।

2. उत्पादन की लागत– दूसरे नंबर पर है लागत यानि की MSP तय करने का दूसरा जो महत्वपूर्ण बिंदु है वो है उत्पादन में लगने वाली लागत, किसी भी फसल के उत्पादन करने के लिए उसमें जितना भी लागत लगा है। उसके लगभग औसतन लागत के आधार पर भी यह MSP तय किया जाता है।

3. फसल की वर्तमान किमत– तीसरे नंबर पर है वर्तमान किमत जिस भी फसल पर MSP तय करना होता है। उस फसल पर सरकार यह भी देखती है। की इस फसल की वर्तमान समय मे National Market मे और International Market मे क्या और कितना तक की किमत चल रही है। फसलों पर Minimum Support Price को निर्धारित करने के लिए इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान मे रखा जाता है।

MSP को कौन तय करता है।

जैसा कि हमने आपको बताया कि भारत मे MSP को सरकार के द्वारा निर्धारित की जाती है। इसको मुख्यत CACP यानी कि The Commission For Agricultural Costs & Prices कृषि लागत एवं मूल्य आयोग द्वारा तय किया जाता है। यह भारत सरकार का ही एक मंत्रालय है जो कि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का एक संलग्न कार्यालय है। वैसे तो भारत मे लगभग हर प्रकार की फसलो का MSP मूल्य कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के द्वारा ही तय किया जाता है परन्तु गन्ने की फसल को गन्ना आयोग के द्वारा ही तय किया जाता है। वर्तमान समय में भारत सरकार के द्वारा लगभग 23 फसलो पर MSP तय किया जाता है। जिसमे लगभग 7 प्रकार के अनाज ओर 5 प्रकार के तिलहन पाए जाते है। इन सबके अलावा और भी अन्य फसलें है।

MSP के फायदे

कई बार हम देखते हैं कि कुछ फसलों के दाम बाजारों मे आसानी से गिर जाते है। और MSP Minimum Support Price इसमे काफी सहायता प्रदान करता है। MSP की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमे किसान इन बातों के लिए निश्चित रहते है की अगर फसल का दाम गिर गया तो कितना नुक़सान होगा क्योंकि अगर उनके फसलो के दाम गिर भी जाते हैं तो भी उसके बाद भी सरकार उन फसलो के दाम को निर्धारित करती है। जिन दामो पर उन्हे किसान आसानी से Market मे बेंच सकते है।

MSP Bill क्या है।

जैसा कि हम सभी जानते है कि केन्द्र सरकार के द्वारा हाल ही मे किसानों के लिए एक नया कानून लेकर आई है। जो कि अपने आप में बहुत चर्चा का विषय बनी हुई है। यह कानून किसानों के लिए और उनके हित के लिए एक बहुत ही बेहतरीन कानून है। आज पूरे भारत मे इस Bill के विरोध मे हंगामा व धरना प्रदर्शन हो रहे है। इस Bill मे ऐसा बताया जा रहा है की इस पद्धति मे मंडी की जो भी व्यवस्था है वो समाप्त हो जायेगी। मगर हमे दिमाग को खोलकर सुझबुझ के साथ इस Bill को समझने की आवश्यकता है। अगर आप इस पद्वति को ध्यान से समझेंगे तो पाएंगे कि इससे पूर्व मे जो भी न्यूनतम सर्मथन मूल्य है उन पर कोई भी असर नही पड़ेगा। इस पद्वति का मुख्यत उद्देश्य सिर्फ इतना है की हमारे किसान भाइयों को उनके जो ही फसलें है उसका बिल्कुल सही दाम प्राप्त हो सके एवं उनके साथ जो भी शोषण हो रहा है। उनको उससे बचाया जा सके।

APMC Act क्या है।

APMC Agricultural Produce Market Committee यानि कि कृषि उपज विपणन समिति यह एक Marketing Board है। APMC Act जो कि भारत का एक प्रकार का कानून है जो कि लगभग हर राज्य मे ही लागू किया गया है। APMC Act लागू होने के बाद से कृषि बाजारों में सही व्यवस्था लाने और जो बिचौलियों के हाथों किसानों का शोषण किया जा रहा था। उसे रोकने की दिशा में यह एक सराहनीय काम हुए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ही किसानों को बेहतर Services व Facilities देना है। किसानों के लिए बनाए गए इस कानून में किसानों के हितों को काफी महत्व दिया जाता है। आजादी के बाद से हमने अक्सर यही देखा है कि भारत में गाँवों की जो भी Whole Distribution System रहा उसको साहूकार या व्यापारीयों के द्वारा ही नियंत्रित किया जाता था। जिससे कि हमारे किसानों को बहुत ही कम लाभ प्राप्त होता था। इन्ही बिचोलियों से छुटकारा पाने के और कृषकों को अधिक से अधिक लाभ पहुँचाने के लिए राज्य सरकारों ने कृषि बाजार स्थापित किये। जिसके लिए APMC अधिनियमों को लागू किया गया।

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दोस्तों आज की Post में हमने आपको जानकारी दी, MSP kya hai, MSP Full Form और MSP क्या है जानिए हिंदी में, आपको हमारा ये Post कैसा लगा हमे जरुर बताएं। साथ ही अगर आपके पास इस विषय से जुड़ी कोई सवाल या जिज्ञासा है तो आप वो भी हमें बता सकते हैं।