CACP क्या है? CACP Full Form, जानिये हिंदी में

cacp full form in hindi

दोस्तो आप सभी ने CACP का नाम तो सुना ही होगा या शायद नही भी सुना होगा, आज मै आपको जानकारी देने वाली हूँ CACP के बारे में। क्या आपको पता है की CACP क्या है? CACP Full Form In Hindi क्या है और CACP के क्या कार्य होते है? मै आपकी जानकारी के लिए बताना चाहुंगी कि CACP भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय है जिसकी सहायता से कोई भी व्यक्ति कृषि उत्पादनो के न्यूनतम मूल्यों की सारी Details बड़ी ही आसानी से प्राप्त कर सकता है।

दोस्तो आज के इस Post मे हम आपसे CACP से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा करेगे। CACP Full Form, CACP क्या है? इसके कार्य आदि से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को प्राप्त करने के Post को अंत तक जरूर पढ़े। तो चलिए शुरू करते है। –

CACP Full Form In Hindi

अगर हम CACP की Full Form की बात करें तो वह “Commission For Agricultural Cost And Prices” है और CACP Full Form In Hindi “कृषि लागत एवं मूल्य आयोग” है। CACP के बारे में और अधिक जानकारों जैसे की History of CACP, CAPC के क्या कार्य है? इत्यादि के बारे में जानने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़े।

CACP क्या होता है?

CACP यानी की कृषि लागत और मूल्य आयोग (Commission For Agricultural Cost And Prices)भारत सरकार के विकेन्द्रित Agencies मे से एक है। कृषि लागत और मूल्य आयोग हमारे भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय दोनो का एक Attached Office है। CACP खरीफ फसलों, रबी फसलों, गन्ना, कच्चे जूट और खोपरा जैसे विभिन्न वस्तुओं के पांच समूहों के लिए हर साल मूल्य नीति रिपोर्ट के रूप में सरकार को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करता है।

CACP का इतिहास क्या है | CACP History

CACP की स्थापना 8 जनवरी सन् 1965 में की गई थी। शुरुआत में जब CACP की स्थापना हुई थी तब इसका नाम कृषि मूल्य आयोग यानि की Agricultural Prices Commission था, बाद में इस नाम को बदलकर कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP Full Form In Hindi) कर दिया गया। वर्तमान समय में इस आयोग के अंतर्गत एक अध्यक्ष, एक सदस्य (अधिकारिक सदस्य), सचिव और 2 सदस्य (गैर अधिकारिक) सदस्य सम्मिलित है। कृषि समुदाय का प्रतिनिधित्व गैर अधिकारी सदस्य ही करते है और समानता कृषक समुदाय के साथ इनका सक्रिय संबंध भी रहता है।

CACP भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय है जिसकी सहायता से कोई भी व्यक्ति कृषि उत्पादनो के न्यूनतम मूल्यों की सारी Details बड़ी ही आसानी से प्राप्त कर सकता है। आयोग में एक प्रमुख अध्यक्ष होता है कृषि लागत एवं मूल्य आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। CACP यानी की कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों के द्वारा ही वर्तमान समय में सरकार द्वारा पूरे 22 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price- MSP) निश्चित किया जाता है। इन फसलों में रबी की 6 फसलें, खरीफ की 14 फसलें, वाणिज्यिक की 2 फसले भी सम्मिलित की गई है।

CACP के कार्य

दोस्तो जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया है की CACP यानी की कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP Full Form In Hindi) के कुछ जिम्मेदारियां भी होती है‌। इसी के साथ-साथ इनके कुछ प्रमुख कार्य भी होते हैं तो आइए देखते हैं। CACP के कार्य जो इस प्रकार से है।

  1. CACP के द्वारा बनाए गए Report को सरकार मानने के लिए कही से भी बाध्य नही होती है।
  2. कृषि लागत एवं मूल्य यानी CACP अपने सारे Report वर्ष के हिसाब से तैयार करता है।
  3. इस आयोग का कार्य देश के सभी राज्यों के किसानी आयोग के लोगों के साथ एकजुट होकर मूल्य का निर्धारण करना है।
  4. CACP का प्रमुख उद्देश्य न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारित करना है।
  5. CACP का हर वर्ष मूल्य नीति Report के रूप में सरकार से सिफारिश चेक करती है जिसके अंतर्गत CACP पांच समूह के फसलों के लिए भिन्न-भिन्न Report प्रस्तुत करती है।
  6. आयोग की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक वर्ष सरकार द्वारा प्रमुख कृषि उत्पादों हेतु MSP निर्धारित करना।
  7. CACP के द्वारा किसी भी फसल मे लगने वाले लागत के अलावा उसकी मांग व उसकी आपूर्ति की परिस्थिति, Market Price Trends और बाकि फसलों से तुलना पर भी विचार करने का कार्य करती है।
  8. प्रत्येक वर्ष CACP के द्वारा मुल्य नीति Report के रूप मे सरकार के समक्ष अपने सिफारिशो को रखती है।

CACP कितने फसलो पर मुल्य निर्धारित करता है?

CACP के द्वारा लगभग 25 कृषि फसलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य को जारी करता है। जिसमे 7 तरह के अनाज 5 तरह की दाल 7 तरह के तिलहन के साथ ही 4 तरह की वाणिज्यिक फसले भी शामिल होती है।

  • 7 तरह की अनाजों के अंतर्गत – धान, गेहूं, मक्का, शर्बत, मोती बाजरा, जौ और रागी शामिल है।
  • 5 तरह की दालों के अंतर्गत – चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर की दाल शामिल है।
  • 7 तरह के तिलहन के अंतर्गत – मूंगफली, रेपसीड-सरसों, सोयाबीन, समुद्री घास, सूरजमुखी, कुसुम, निगर्सिड शामिल है।
  • 4 तरह के वाणिज्यिक फसलो के अंतर्गत – खोपरा, गन्ना, कपास और कच्ची जूट आदि शामिल है।

मूल्य निर्धारण नीति Report को तैयार करने से पुर्व किसके साथ बैठक करता है?

मूल्य निर्धारण नीति Report को तैयार करने से पुर्व कैप निम्नलिखित के साथ बैठक करता है-

  1. State Governments
  2. Food Corporation Of India
  3. Cotton Corporation Of India (CCI)
  4. Jute Corporation Of India (JCI)
  5. Merchant Organizations
  6. Processing Organizations
  7. Major Central Ministries
  8. National Agricultural Cooperative
  9. Marketing Federation Of India Limited

CACP की प्रमुख बिंदु

  • CACP की Report में अनाजों के गोदामों में अनाजों की बहुलता के वजह से होने वाली चुनौतियों को दर्शाया गया है ।
  • CACP की एक Report के अनुसार वर्ष 2020 2 अप्रैल तक केंद्र सरकार के गोदामों में कुल 73٠ 85 Million टन अनाज भंडारित था।
  • CACP के Report में खाद्यान्न उपलब्धता में केंद्र सरकार के अनुसार आने वाले खरीफ की फसल में बड़ी वृद्धि के साथ 14٠57 Million टन अनाज उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।

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Conclusion (निष्कर्ष): दोस्तों आज की Post में हमने आपको जानकारी दी CACP क्या है और CACP Full Form In Hindi क्या है, CACP के कार्य क्या होते है? मै आशा करती हु की आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होगी और आपको CACP से जुड़े सारे सवालों के जवाब भी मिल गए होगे। आपको हमारा ये Post कैसा लगा हमे जरुर बताएं। साथ ही अगर आपके पास इस विषय से जुड़ी कोई सवाल या जिज्ञासा है तो आप तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते है। ऐसे ही और जानकारी वाले लेख पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहिये।