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MSME क्या है? MSME उद्योग के प्रकार जानिये हिंदी में!

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msme full form in hindi

आए दिन MSME को लेकर कई तरह की घोषणाएं होती है। यह बताया जाता है कि MSME भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह देश की अर्थव्यवस्था के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। हालांकि, अक्सर MSME के बारे में सुनने के बावजूद हमें MSME Full Form In Hindi नहीं पता होता। अगर आपको भी नहीं पता की MSME क्या है तो यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण है। इस लेख में मैं बात करने वाली हूँ कि MSME का क्या होता है? MSME के क्या लाभ होते हैं? तथा इसका अर्थव्यवस्था में क्या योगदान है? आइए जानते हैं MSME के बारे में समस्त जानकारी हिंदी में:-

MSME Full Form In Hindi क्या है?

MSME का English Full Form “Micro, Small And Medium Enterprises” होता है और MSME Full Form In Hindi “सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग” है। आसान भाषा में MSME का मतलब होता है छोटे, लघु और मध्यम उद्योग या कारोबार। आइए विस्तार से जानते हैं कि MSME क्या होता है?

MSME क्या है?

MSME छोटे, मध्यम और लघु उद्योग व कारोबार को कहा जाता है। इस तरह के कारोबार को स्थानीय स्तर पर चलाया जाता है तथा इस कारोबार या उद्योग को शुरू करने वाले लोग काफी कम संख्या में होते हैं। इसके साथ ही “सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग” (MSME Full Form In Hindi) के कारोबारियों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार से कई तरह की मदद भी मिलती है क्योंकि यह उद्योग देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इसीलिए इनको फलने-फूलने में मदद की जाती है। इतना ही नहीं अर्थव्यवस्था में लघु उद्योगों के महत्व को देखते हुए कई सरकारी व प्राइवेट क्षेत्र के बैंक और कंपनियां कम ब्याज दर पर लोन भी प्रदान करती है।

लेकिन सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने के लिए MSME का रजिस्टर्ड होना जरूरी है।

MSME अधिनियम के अंतर्गत रखी गई MSME की परिभाषाएं

अब बात करते हैं MSME की परिभाषा के बारे में। दरअसल, MSME की परिभाषा पर समय के साथ कई बार बदलाव किया जा चुका है। सबसे पहले MSMED अधिनियम 2006 के अंतर्गत इसकी परिभाषा को तय किया गया था। हालांकि इसके बाद कई बार इसकी परिभाषा में परिवर्तन किया गया। साल 2018 में एक बार फिर इसकी परिभाषा को निर्धारित किया गया। लेकिन 2020 में कोरोना महामारी की वजह से इसकी परिभाषा में फिर एक बार बदलाव आया। आइए जानते हैं MSME अधिनियम 2006 के मुताबिक MSME की परिभाषा क्या है? इसमें एक बात यह जोड़ना चाहूंगी कि MSME की परिभाषा विभिन्न उद्योगों के अंतर्गत अलग-अलग है। आइए जानते हैं इनके बारे में:-

  • सूक्ष्म उद्योग की परिभाषा :- सूक्ष्म उद्योग या माइक्रो इंडस्ट्री उन्हें कहा जाता है जिन उद्योगों में 25 लाख रुपए की कीमत की मशीनें लगी हो।
  • लघु उद्योग की परिभाषा :- वे उद्योग जिनमें 25 लाख से 5 करोड़ रुपए की कीमत की मशीनें लगी होती हैं, वे सभी लघु उद्योग या स्मॉल इंडस्ट्री के अंतर्गत आती है।
  • मध्यम उद्योग की परिभाषा :- वे उद्योग जिनमें 5 करोड से 50 करोड़ की मशीनें लगाई जाती हैं वे सभी मध्यम उद्योग के अंतर्गत आती है।

2018 में MSME की परिभाषा में किया गया बदलाव

2006 की परिभाषा में बदलाव करते हुए केंद्र सरकार द्वारा सालाना टर्नओवर के आधार पर MSME की परिभाषा को बदला गया। यानी कि अब “सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग” (MSME Full Form In Hindi) में, उद्योगों की मशीन में लगने वाले रुपयों के बजाय उसके वार्षिक टर्नओवर के आधार पर इन्हें विभाजित किया गया। आइए जानते हैं 2018 में किए गए बदलावों के बारे में:-

  • सुक्ष्म उद्योग की परिभाषा :- वे उद्योग जिनका सालाना टर्नओवर 5 करोड़ से कम होता है, वह सूक्ष्म उद्योग की श्रेणी में आते हैं।
  • लघु उद्योग की परिभाषा:- वे उद्योग जिनका सालाना टर्नओवर 5 करोड़ से 75 करोड के बीच होता है, वे लघु उद्योग की श्रेणी में आते हैं।
  • मध्यम उद्योग की परिभाषा:- वे उद्योग जिनका सालाना टर्नओवर 75 करोड़ से 250 करोड़ के बीच होता है, वे सभी मध्यम उद्योग की श्रेणी में आते हैं।

साल 2020 में MSME की परिभाषा तय की गई

भारत सरकार ने जून 2020 में आत्मनिर्भर भारत का राहत पैकेज घोषित किया। हालांकि पैकेज और अभियान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग को फिर से परिभाषित किया। आइए जानते हैं इसकी नई परिभाषा क्या है?

  • सूक्ष्म उद्योग की परिभाषा :- वे उद्योग जिनमें एक करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया जाता है तथा जिनका सालाना टर्नओवर 5 करोड़ तक होता है वे सभी सूक्ष्म उद्योग यानी कि माइक्रो इंडस्ट्री के अंतर्गत आते हैं।
  • लघु उद्योग की परिभाषा :- वे उद्योग जिनमें 10 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया जाता है। वहीं इसका वार्षिक टर्न ओवर 50 करोड़ तक का होता है, यह सभी लघु उद्योग की श्रेणी में आते हैं।
  • मध्यम उद्योग की परिभाषा :- वे उद्योग जिनमें 30 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया जाता है, वही उसका सालाना टर्न ओवर 100 करोड़ के आसपास होता है। वे सभी मध्यम उद्योग की श्रेणी में आते हैं।

MSME उद्योग के प्रकार

MSME उद्योग भी दो प्रकार के होते हैं, आइए जानते हैं इनके प्रकारों के बारे में।

  • मैन्युफैक्चरिंग उद्योग :- मैन्युफैक्चरिंग उद्योग का हिंदी अर्थ होता है, विनिर्माण उद्योग यानी कि वे उद्योग जिसमें किसी भी चीज का निर्माण किया जाता है। आसान शब्दों में कहे तो वे उद्योग जिनमें नई चीजों को बनाया जाता है, वे मैन्युफैक्चरिंग उद्योग कहलाते है। इस तरह के उद्योग में उपयोगी उत्पादों का निर्माण किया जाता है। उदाहरण के तौर पर ब्रेड बनाने वाली फैक्ट्री।

इस तरह की फैक्ट्री के लिए ज्यादा स्थान की जरूरत नहीं होती इसमें कोई भी व्यक्ति जिला प्रशासन की स्वीकृति लेकर अपने घर में भी ब्रेड की फैक्ट्री लगा सकता है।

  • सर्विस सेक्टर : जैसे कि नाम से ही पता चलता है, सर्विस सेक्टर यानी कि वे सेक्टर जिसका काम होता है सेवा प्रदान करना। इस तरह के सेक्टर में विभिन्न संस्थाओं और लोगों को सेवाएं देने का काम किया जाता है। इसमें किसी भी व्यक्ति या संस्था को सेवा दी जाती है और उसके बदले में थोड़ी सी रकम फीस के तौर पर ली जाती है। उदाहरण के तौर पर ट्रैवल एजेंसी, रेस्टोरेंट, कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली संस्था यह सभी सर्विस सेक्टर के अंतर्गत आते हैं।

भारत में MSME को मिलने वाले लाभ

  • ब्रांड फ्री लोन की सुविधा – भारत सरकार द्वारा MSME के लिए क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम की शुरुआत की गई थी जिसके अंतर्गत इस तरह के उद्योगों को शुरू करने के लिए आसानी से बिजनेस लोन हासिल होता है।
  • तकनीक की गुणवत्ता में बढ़ोतरी :- “सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग” (MSME Full Form In Hindi) के अंतर्गत रजिस्टर किए गए उद्योगों के लिए भारत सरकार स्वच्छ ऊर्जा लागू करती है। यानी कि अब इन उद्योगों द्वारा उत्पादित किए जाने वाले उत्पाद की बेहतर गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाएगा।
  • उत्पाद की मार्केटिंग के लिए सरकारी सुविधा :- भारत सरकार द्वारा MSME उद्योग को न सिर्फ स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी मार्केटिंग के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार द्वारा इन उद्योगों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।

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निष्कर्ष (Conclusions)

इस लेख के जरिए हमने आपको MSME Full Form In Hindi? MSME क्या होता है? MSME के कितने प्रकार है? MSME के क्या फायदे हैं?, से संबंधित जानकारी देने का पूरा प्रयास किया है। हमें उम्मीद है आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होगी। अगर यह जानकारी आपको उपयोगी लगी है, तो इसे अपने मित्रों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करना ना भूले। अगर आपके मन में कोई अन्य सवाल है तो हमें Comment Section में बताएं। हम आपको जवाब देने का हर संभव प्रयास करेंगे।