DRM Full Form In Railway DRM क्या है? DRM कैसे बने?

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दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि DRM Full Form In Railway क्या होता है? तथा DRM क्या है? और DRM कैसे बना जा सकता है? अगर नहीं पता तो इस लेख में हमारे साथ अंत तक बने रहिये। भारत में रेलवे का एक बहुत बड़ा तंत्र है जिसका नियंत्रण रेलवे डिपार्टमेंट या फिर भारत सरकार द्वारा किया जाता है। रेलवे डिपार्टमेंट में एक पद होता है जिसको DRM के नाम से जाना जाता है। आज के इस लेख में हम आपको DRM के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है।

DRM Full Form In Railway

अगर हम Railway Department में DRM के Full Form की बात करें तो DRM Full Form In Railway “Divisional Railway Manager” होता है। इसे मंडल रेल प्रबंधक (DRM Full Form In Hindi) भी कहा जाता है।

DRM क्या है? What Is DRM in Railway?

भारतीय रेल के संचालन को कई Zone में विभाजित किया गया है। और यह ज़ोन आगे जाकर मंडलों में विभाजित किए जाते है। प्रत्येक मंडल में एक मुख्यालय होता है। जानकारी के लिए बता दे, भारतीय रेलवे में कुल 18 ज़ोन और 68 मंडल है। प्रत्येक मंडल में एक DRM यानी कि डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM Full Form In Railway) को नियुक्त किया गया जाता है।

डिवीजनल रेलवे मैनेजर or DRM रेलवे का प्रशासनिक प्रमुख तथा कार्यकारी अधिकारी होता है। कार्यकारी और प्रशासनिक प्रमुख होने की वजह से उसे रेलवे से संबंधित सभी तरह की जिम्मेदारियां निभानी पड़ती है। इसका काम होता है रोजाना ट्रेन के संचालन, ट्रैक के रखरखाव, स्टेशन भवन आदि का ध्यान रखना। इन सब का ध्यान रखने के साथ ही DRM क्षेत्र के महाप्रबंधक (GM) को रोजाना रिपोर्ट करता है।

अब सवाल उठता है कि आखिर DRM की नियुक्ति कैसे होती है? दरअसल, DRM को पहले भारतीय रेलवे की आठ संगठित सेवाओं में से नियुक्त किया जाता है, यह आठ संगठित सेवाएं हैं:-

  1. इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ़ सिग्नल इंजीनियर्स (IRSSE)
  2. इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इंजीनियर्स (IRSE)
  3. इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (IRSME)
  4. इंडियन रेलवे स्टोर्स सर्विस (IRSS)
  5. इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विस (IRPS)
  6. इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इंजिनियर्स (IRSE)
  7. इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (IRTS)
  8. इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस (IRAS)

वैसे तो DRM की नियुक्ति 3 साल के लिए की जाती है। लेकिन रेलवे बोर्ड की सिफारिश पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। मंडल के कामकाज में DRM की सहायता एक या दो एडिशनल डिविजन रेलवे मैनेजर (ADRM) करते हैं।

DRM की योग्यताएं | Eligibility For DRM

बहुत से लोग DRM बनने को इच्छुक होते हैं। लेकिन DRM बनना काफी कठिन होता है क्योंकि इसके लिए आपके अपने जीवन के कई साल सेवाओं में बिताना होता है। DRM बनने के लिए कुछ योग्यताओं की भी जरूरत होती है। आइए जानते हैं DRM के लिए किन-किन योग्यताओं की जरूरत होती है:-

  • DRM वही उम्मीदवार बन सकते हैं जो कि भारतीय रेलवे के 8 संगठित ग्रुप ए सेवाओं में से किसी एक के अधिकारी हो।
  • DRM बनने के लिए 52 वर्ष से कम आयु होनी चाहिए।
  • DRM बनने के लिए उम्मीदवार को भारतीय रेलवे की ग्रुप ए सर्विसेज में 22 से 25 साल तक सेवा करनी चाहिए।

DRM कैसे बने? | How To Become DRM?

अपने जाना कि DRM बनने के लिए किस तरह की योग्यताओं की जरूरत होती है। आइए अब जानते हैं कि एक DRM बनने की क्या प्रक्रिया होती है:-

  • DRM बनने के लिए उम्मीदवार को सबसे पहले अपनी Graduation पूरी करनी जरूरी होती है। यह स्नातक की डिग्री किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से होनी चाहिए।
  • Graduation के बाद आपको Indian Engineering Service Exam या फिर सिविल सर्विस Exam देना पड़ता है।
  • Exam Clear होने के बाद इंडियन रेलवे की ग्रुप ए सर्विसेज (IRSE, IRSME, IRSSE, IRSEE, IRSS, IRTS, IRAS, and IRPS) में से किसी एक का चयन करें।
  • इन पोस्ट पर 2 साल की ट्रेनिंग के बाद आपको Probationary Junior Scale Officer के रूप में Assistant Engineer or Assistant Personnel Officer के रूप में Promote किया जाएगा। इस पद पर आपको 2 साल काम करना पड़ता है।
  • इन पदों पर 2 साल तक काम करने के बाद आपको Senior Scale Officer के रूप में पदोन्नत किया जाएगा।
  • और इसके 3 साल बाद तक आपको जूनियर प्रशासनिक ग्रेड अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
  • यानी कि आपको ऑल इंडिया एक्जाम पास करने के बाद JA Grade Officer बनने के लिए 7 साल का समय लगेगा।
  • इसके बाद आपको 10 से 15 साल तक इंतजार करना है, Senior Administrative grade Officer बनने के लिए।
  • इसके बाद आपको Additional Divisional Railway Manager (ADRM) में 4 से 5 साल तक अपनी सेवाएं देनी है जिसके बाद आप डिवीजनल रेलवे मैनेजर बनने के लिए Eligible हो जाएंगे।
  • इसके बाद आपकी वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट व आपकी क्षमता के आधार पर आपको डिवीजनल रेलवे मैनेजर के लिए नियुक्त किया जाएगा।

इस तरह देखा जाए तो DRM- DRM Full Form In Railway “Divisional Railway Manager” बनने के लिए आपको कम से कम 25 बिताने होंगे। यह काफी लंबी प्रक्रिया है जिसके लिए आपको काफी ज्यादा धैर्य और मेहनत की आवश्यकता है। इसके साथ ही आपकी आयु 52 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आप जानते हैं कि एक DRM बनने के बाद आपको कितनी सैलरी मिलेगी।

DRM की Salary क्या है? | DRM Salary

एक DRM को 1.5 से 2 लाख प्रतिमाह मिलते हैं। उच्च वेतन के साथ ही उन्हें आवास, वाहन जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती है। DRM Railway Department का एक उच्च पद है इसलिए ये स्वाभाविक है की Railway Officer को अच्छी सैलरी के साथ साथ अन्य सुविधाएं भी Department के द्वारा मुहैया करवाई जाती है।

DRM के अन्य Full Form

दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं कि एक शब्द के कई अर्थ होते हैं। उसी तरह DRM के भी कई सारे फुल फॉर्म है लेकिन हम आपको उनमें से सबसे लोकप्रिय फुल फॉर्म के बारे में बताने जा रहे हैं। DRM का एक लोकप्रिय फुल फॉर्म है, आइए जानते हैं:-

DRM का अन्य Full Form “Digital Rights Management” होता है। हिंदी में इसे डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट या फिर डिजिटल अधिकार प्रबंधन कहा जाता है।

इसके अंतर्गत आपको Electronic Media में Copyright सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसमें म्यूजिक, फिल्में समेत वे सभी डाटा आते हैं जिन्हें डिजिटल रूप में store किया जाता है। जैसा कि आप जानते हैं कि डाटा कई Format में Save हो सकते हैं, जैसे Image, Audio ,Video के रूप में। इन Data को Store करने के लिए कई offline और Online माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन यदि इन दोनों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम ना हो तो डाटा चोरी होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

डिजिटल मीडिया के उदय के बाद से analog-to-digital रूपांतरण तकनीक काफी ज्यादा बढ़ गई है जिसनें Copyright स्वामित्व वाले लोगों और संगठनों की चिंता को बढ़ा दिया था जिसके बाद डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट प्रकाश में आया।

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निष्कर्ष (Conclusion):

आज इस लेख में हमने जाना DRM के दो अलग-अलग Full Form के बारे में। पहले हमने जाना की DRM Full Form In Railway क्या है और DRM से जुडी अन्य जानकरी और फिर हमने बात की DRM के अन्य Full Form के बारे में जो की “Digital Rights Management” या फिर डिजिटल अधिकार प्रबंधन है। दोनों ही काफी अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित है। उम्मीद है आपको हमारी दी गई जानकारी पसंद आई होगी। यदि आपको किसी अन्य विषय में जानकारी हासिल करनी है तो हमें Comment Section में ज़रूर बताएं।