Parts of Speech In Hindi – Definition And Examples

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parts of speech in hindi

अंग्रेजी में बेहतर तरीके से पढ़ना, लिखना और बोलना सीखने के लिए इसके समस्त व्याकरण की जानकारी होनी जरूरी है। अंग्रेजी व्याकरण में शब्द भेद काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि इनका इस्तेमाल अंग्रेजी के प्रत्येक वाक्य में किया जाता है। ऐसे में इनकी जानकारी होना काफी जरूरी है। Parts Of Speech के बारे में ज्ञान हासिल करके आपको यह पता चल जाएगा कि इनका सही प्रयोग किस तरह से करना है। जिससे वाक्य बनाने में आपको ज्यादा कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस पोस्ट में हम आपको Parts Of Speech In Hindi की परिभाषा, उदाहरण और इसके प्रकारों के बारे में बताएंगे जिसकी मदद से आप इसे और भी अच्छे तरीके से समझ पाएंगे।

Parts Of Speech Definition | Parts of Speech In Hindi

अंग्रेजी वाक्य में प्रयुक्त शब्दों को विभिन्न भागों में बांटा जाता है। अंग्रेजी के किसी भी वाक्य में Parts Of Speech ज़रूर दिए जाते हैं। Parts Of Speech में संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया विशेषण, संबंध सूचक, विस्मय बोधक आदि सम्मिलित होते हैं और इन्हीं से लिए गए शब्दों को मिलाकर वाक्य तैयार होता है।

इन भागों को अंग्रेजी में जहां Parts Of Speech के नाम से जाना जाता है, वहीं हिंदी में इसे शब्द भेद या भाषा के भेद भी कहते हैं। आइए नीचे उदाहरणों के जरिए समझते हैं कि यह Parts Of Speech असल में होता क्या है?

  • सोनम एक बड़ी कंपनी में नौकरी करती है।

उपरोक्त वाक्य में सोनम (संज्ञा) बड़ी (विशेषण) कंपनी (संज्ञा) में (संबंध सूचक) तथा नौकरी करती है, में क्रिया है। इस तरह हमने जाना कि इस वाक्य के प्रत्येक शब्द में Parts Of Speech है। इन सभी शब्द भेदों को जब एक साथ क्रमबद्ध तरीके से रखा जाता है तो अर्थपूर्ण वाक्य तैयार होता है। आइए जानते हैं Parts Of Speech के प्रकार और उनका प्रयोग कैसे किया जाता है। Keep scrolling to read more about Parts of Speech in Hindi.

Parts Of Speech | शब्द भेद के प्रकार

मुख्यतः Parts Of Speech शब्द भेद आठ प्रकार के होते हैं। यह सभी प्रकार मिलकर अंग्रेजी व्याकरण को परिपक्व बनाते हैं। आइए जानते हैं उनके नाम :-

  • संज्ञा (Noun)
  • सर्वनाम (Pronoun)
  • विशेषण (Adjective)
  • क्रिया (Verb)
  • क्रिया विशेषण (Adverb)
  • संबंधसूचक (Preposition)
  • संयोजक (Conjunction)
  • विस्मयसूचक (Interjection)

आइए अब प्रत्येक Parts Of Speech के बारे में विस्तार से जानते हैं।

संज्ञा (Noun)

वह शब्द जिससे किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का पता चलता है वह संज्ञा कहलाता है। संज्ञा अंग्रेजी व्याकरण में काफी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। संज्ञा के भी कई प्रकार होते हैं जिनमें से इसके कुछ प्रमुख प्रकारों के बारे में नीचे बताया जा रहा है।

  • व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)
  • जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)
  • भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)
  • समूहवाचक संज्ञा (Collective Noun)
  • द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun)
  • गणनीय संज्ञा (Countable Noun)
  • अगणनीय संज्ञा (Uncountable Noun)
  • पदार्थ वाचक संज्ञा (Concrete Noun)

सर्वनाम (Pronoun)

जिन शब्दों का इस्तेमाल संज्ञा के स्थान पर किया जाता है, उन्हें सर्वनाम के नाम से जाना जाता है। मुख्यतः सर्वनाम का प्रयोग तब किया जाता है जब अंग्रेजी वाक्य में संज्ञा का दोबारा प्रयोग करना संभव न हो या सर्वनाम का प्रयोग वाक्य को सरल और सुंदर बनाता है।

उदाहरण :- I, You, We, They, He, She, It

संज्ञा की तरह सर्वनाम के भी कई प्रकार हैं। आइए जानते हैं इसके प्रमुख प्रकारों के बारे में:-

  • व्यक्तिवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun) – इस तरह के सर्वनाम का इस्तेमाल संज्ञा के स्थान पर किया जाता है।
  • प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronoun) – इस समय के सर्वनाम का इस्तेमाल प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है।
  • अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronoun) – इस तरह के सर्वनाम से आपको किसी अनिश्चित व्यक्ति या फिर वस्तु के बारे में पता चलता है।
  • संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronoun) – इस तरह के सर्वनाम दो वाक्यों को जोड़ते हैं।
  • विभागसूचक सर्वनाम (Distributive Pronoun) – जब दो या दो से ज्यादा व्यक्ति या वस्तु की बात की जा रही हो और उनमें से किसी एक को अलग से सूचित करने के लिए जिस सर्वनाम का इस्तेमाल किया जाता है, उसे विभाग सूचक सर्वनाम कहते हैं। आप पढ़ रहे है Parts of Speech In Hindi
  • संकेतवाचक सर्वनाम (Demonstrative Pronoun) – जिस सर्वनाम से व्यक्ति और वस्तु की ओर संकेत किया जाता है वह संकेतवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
  • निजवाचक सर्वनाम और दृढ़तासूचक सूचक सर्वनाम (Reflexive And Emphatic Pronoun) – इस तरह के सर्वनाम में अपने या फिर आपको जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है।
  • परस्पर वाचक सर्वनाम (Reciprocal Pronoun) – जिस सर्वनाम में पारंपरिक संबंधों को बताया जाता है वे परस्पर वाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
  • विस्मयबोधक सर्वनाम (Exclamatory Pronoun) – इस तरह के सर्वनाम में आश्चर्य की भावना को व्यक्त किया जाता है।

विशेषण (Adjective)

तीसरे प्रकार का Parts Of Speech विशेषण है। जैसा कि आप जानते हैं जो शब्द संज्ञा की विशेषता बताते हैं उन्हें विशेषण के नाम से जाना जाता है। विशेषण अगर किसी वाक्य में हो तो इसे पहचानने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि वाक्य में यदि किसी की तारीफ की जा रही है या किसी चीज की विशेषताओं का उल्लेख किया जा रहा है तो इसका मतलब है कि वहां पर विशेषण होगा।

विशेषण, संज्ञा और सर्वनाम दोनों में हो सकता है क्योंकि किसी भी वस्तु, व्यक्ति, स्थान में कोई ना कोई ऐसी खासियत होती है जो उसे दूसरे से अलग बनाती है। जैसे कि यदि किसी व्यक्ति के बारे में बताया जा रहा है कि वह बहुत लंबा है तो यह उस व्यक्ति की विशेषता है कि उसकी लंबाई ज्यादा है।

वहीं सिर्फ व्यक्ति ही नहीं किसी वस्तु की भी कई विशेषताएं हो सकती हैं। जैसे कि कोई टेबल काफी छोटा है तो यह उसकी विशेषता है कि उसका आकार छोटा है। इस तरह विशेषण सभी शब्दों में होता है जिन शब्दों में किसी भी चीज की किसी खासियत के बारे में ज्यादा दबाव देकर बताया जा रहा हो, जैसे कि कोई लड़की बेहद खूबसूरत है तो खूबसूरती उस लड़की की विशेषता है। आप पढ़ रहे है Parts of Speech In Hindi

यहां तक तो आप विशेषण के बारे में अच्छे से समझ गए होंगे। चलिए अब इसके अलग-अलग प्रकारों से रूबरू होते हैं।

उदाहरण – Intelligent, Beautiful, Smart, Nice, Brave etc.

विशेषण के प्रकार | Types Of Adjective

  • व्यक्तिवाचक विशेषण (Proper Adjective)
  • गुणवाचक विशेषण  (Qualitative Adjective)
  • संकेतवाचक विशेषण (Demonstrative Adjective)
  • प्रश्न वाचक विशेषण (Interrogative Adjectives)
  • दबाव सूचक विशेषण (Emphasizing Adjectives)
  • विस्मय बोधक विशेषण (Exclamatory Adjectives)
  • संख्यावाचक विशेषण (Numeral Adjectives)
  • परिणाम वाचक विशेषण (Quantitative Adjective)
  • संबंध वाचक विशेषण (Possessive Adjectives)
  • विभाग सूचक विशेषण (Distributive Adjectives)

क्रिया (Verb)

जैसे की ‘क्रिया’ शब्द से ही पता चलता है, क्रिया का अर्थ होता है कार्य। यानी कि जिस वाक्य में किसी काम के होने या फिर उस काम के किए जाने का पता चलता है तो इसका मतलब है कि उस वाक्य में क्रिया मौजूद होगी।

इसे एक उदाहरण द्वारा समझ सकते हैं। यदि किसी वाक्य में यह लिखा हुआ है कि लड़की गाना गाती है तो इस वाक्य से हमें पता चलता है कि लड़की किसी कार्य को कर रही है। यानी कि वह लड़की क्रियाशील है। तो इस वाक्य में क्रिया की मौजूदगी है। वहीं क्रिया सिर्फ अपने लिए ही नहीं किसी दूसरे के कार्यों का उल्लेख भी हो सकता है। आप पढ़ रहे है Parts of Speech In Hindi

अन्य सभी पार्ट्स ऑफ स्पीच की तरह ही क्रिया के भी कई भेद होते हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में:-

उदाहरण:- Eating, Writes, Sang, Playing, Dancing Etc.

Types Of Verb | क्रिया के प्रकार

क्रिया चार भागों में बटी हुई है। इसके चार प्रकार निम्नलिखित हैं:-

  • अकर्मक क्रिया  (Intransitive Verb)
  • सकर्मक क्रिया (Transitive Verb)
  • मुख्य क्रिया (Main Verb)
  • सहायक क्रिया (Auxiliary Verb)

क्रिया-विशेषण (Adverb)

Adverb को हिंदी में क्रिया विशेषण कहा जाता है। यह दो शब्दों के मेल से बना है एक क्रिया और दूसरा विशेषण। आप जानते हैं कि क्रिया का अर्थ होता है किसी कार्य को करना। वहीं विशेषण विशेषता बताने का कार्य करता है। ऐसे में जिन शब्दों से क्रिया की विशेषता का पता चलता है, वह क्रिया विशेषण कहलाते हैं।

उदाहरण :- वे धीरे-धीरे बात करता है

ऊपर बताए गए वाक्य में धीरे-धीरे क्रिया विशेषण है।

क्रिया विशेषण के प्रकार | Types Of Adverb

क्रिया विशेषण के भी कई भेद होते हैं जिनके बारे में नीचे विस्तार से बताया जा रहा है।

  • संबंधवाचक क्रिया विशेषण (Relative Adverb)
  • कारण वाचक क्रिया विशेषण (Adverbs of Reason)
  • प्रश्न वाचक क्रिया विशेषण (Interrogative Adverbs)
  • सकारात्मक और नकारात्मक क्रिया विशेषण (Affirmative and Negot
  • विधि वाचक क्रिया विशेषण (Adverbs Of Manner)
  • संख्या वाचक क्रिया विशेषण (Adverbs Of Number Frequency)
  • स्थान वाचक क्रिया विशेषण (Adverb Of Place)
  • समय सूचक क्रिया विशेषण (Adverb Of Time)
  • परिणाम वाचक क्रिया विशेषण (Adverb Of Quantity)

Preposition ( संबंध बोधक शब्द )

प्रपोजिशन को हिंदी में संबंधबोधक कहा जाता है। जैसे कि नाम से ही पता चलता है यह वाक्य में संबंध बनाने का काम करता है। यह ऐसे वाक्यों में होता है जहां पर संज्ञा और सर्वनाम का संबंध अन्य शब्दों के साथ बताया जाता है। आप पढ़ रहे है Parts of Speech In Hindi

Example:-

  • The Pen is On The Table.

संबंधबोधक के प्रकार | Types Of Propositions

प्रपोजिशन को भी चार प्रकारों में बांटा जाता है। नीचे इसके चारों प्रकारों के बारे में बताया जा रहा है।

  • Simple Preposition – उदाहरण: Of, With, To, In etc.
  • Participle Preposition – उदाहरण : given, provided, regarding
  • Phrase Preposition – उदाहरण : about, at, before, to
  • Compound Preposition – उदाहरण : Before, Across, Among etc.

Conjunction | संयोजक

वे शब्द जो 2 से ज्यादा शब्दों और वाक्यों को साथ में जोड़ते हैं संयोजक कहलाते हैं। यदि बात करें अंग्रेजी वाक्यों में संयोजक की तो यह संयोजक दो टूटे हुए वाक्यों का आपस में जोड़ने का काम करते हैं। इसके लिए संयोजक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। इन संयोजक शब्दों में और, लेकिन, तब तक आदि शामिल है। संयोजक शब्द वाक्य बनाने में काफी महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि यह किसी भी वाक्य को धाराप्रवाह बनाने में मदद करते हैं जिससे आप किसी वाक्य को बिना अटके पढ़ सकते हैं।

संयोजक की मदद से हम अपनी ढेर सारी बातों को एक वाक्य में पिरोने में सफल हो पाते हैं। आइए नीचे इसके दोनों प्रकारों के बारे में जानते हैं।

उदाहरण :- and, But, Or, Until

संयोजक के प्रकार | Types Of Conjunction

  • Co-Ordinating Conjunctions
  • Sub-Ordinating Conjunctions

िस्मयसूचक शब्द | Interjection

इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल अपने भावों को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। इसमें आश्चर्य, खुशी, दुख आदि भावनाओं को व्यक्त करने के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल होता है, उन्हें विस्मयसूचक शब्द या विस्मयादिबोधक कहते हैं। आप पढ़ रहे है Parts of Speech In Hindi

विस्मयसूचक शब्द यानी कि वे शब्द जो आपको विस्मय में डाल दें। इसमें खुशी, दुख हैरानी जैसे कई शब्द सम्मिलित होते हैं। नीचे उदाहरण के जरिए इसे समझाया जा रहा है।

उदाहरण :- Hurray, I won This Award

What a Surprise Dude!

आप इस उदाहरण को पढ़ते ही समझ सकते हैं कि इसमें किसी व्यक्ति ने कोई अवार्ड जीता है तथा वे इसे जीतने को लेकर काफी खुश है। यानी कि इस वाक्य में विस्मय सूचक शब्द का इस्तेमाल किया गया है। आप पढ़ रहे है Parts of Speech In Hindi

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Frequently Asked Questions (FAQ)

What Is Parts Of Speech? | पार्ट्स ऑफ स्पीच क्या होता है ?

पार्ट्स ऑफ स्पीच को हिंदी में शब्द भेद के नाम से जाना जाता है। यह ऐसे शब्द होते हैं जो अंग्रेजी के प्रत्येक वाक्य को बनाने में जिम्मेदार होते हैं। अंग्रेजी के किसी भी एक वाक्य में अलग-अलग पार्ट्स ऑफ स्पीच होते हैं और इन सभी से मिलकर एक वाक्य तैयार होता है।

Parts Of Speech के कितने प्रकार होते हैं? | What Are The Types Of Parts Of Speech

शब्द भेद के कुल 8 प्रकार होते हैं। इसके सभी प्रकारों के बारे में नीचे बताया जा रहा है।
संज्ञा (Noun), सर्वनाम (Pronoun), क्रिया (Verb), क्रिया विशेषण (Adverb), विशेषण (Adjective), संबंध सूचक (Preposition), संयोजक (Conjunction), विस्मयादिबोधक (Interjection)

Conclusion निष्कर्ष

ऊपर हमें Parts Of Speech के बारे में आपको विस्तार से जानकारी दी। इस लेख को पढ़ने के बाद आप Parts Of Speech In Hindi क्या होता है? Parts Of Speech के प्रकार क्या हैं? और उन सभी प्रकारों के बारे में विस्तार से समझ चुके होंगे। Parts Of Speech in Hindi को याद करने और इसे पढ़ने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए आप अंग्रेजी के आधे से ज्यादा Grammar के बारे में जान जाएंगे। इसीलिए इसे याद करने के लिए प्रत्येक Parts Of Speech को अलग-अलग याद करें। जिससे आप इसे जल्द ही याद कर सकें। अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया है तो इसे अपने मित्रों तक साझा जरूर करें। किसी भी प्रकार का प्रश्न हो तो कमेंट सेक्शन में हमसे पूछे।

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