IEC क्या है? IEC की विस्तृत जानकारी हिंदी में!

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दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि अलग-अलग तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के मानकों का निर्धारण कौन करता है? दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक तकनीक से सम्बंधित उपकरणों के मानक तैयार करने का काम IEC के जिम्मे में होता है। IEC उन सभी तरह के डिवाइस, जो बिजली का उपयोग करते हैं या जिनमें इलेक्ट्रॉनिक्स होते हैं, के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों का निर्माण करता है। क्या आपको पता है की IEC Full Form In Hindi क्या है और इसके क्या कार्य है?

IEC को अंतरराष्ट्रीय मानकों को तैयार करने और उनका प्रकाशन करने वाले दुनिया के अग्रणी संगठन के रूप में जाना जाता है। तो आइए जानते हैं, IEC से संबंधित सारी जानकारी हिंदी में:-

IEC Full Form In Hindi

IEC Full Form In English Is “International Electrotechnical Commission” और IEC Full Form In Hindi “अंतरराष्ट्रीय विद्युततकनीकी आयोग” होता है।

IEC क्या है?

IEC एक गैर-लाभकारी तथा गैर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन है। अंतरराष्ट्रीय विद्युत तकनीकी आयोग या International Electrotechnical Commission का काम होता है, विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक, विद्युत और उससे संबंधित प्रौद्योगिकियों जिन्हें ‘विद्युतप्रौद्योगिकी’ या ‘Electrotechnology’ के नाम से जाना जाता है, के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक तैयार करना और उन मानकों को प्रकाशित करना।

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IEC Full Form

IEC मानक तैयार करने के लिए वृहत्तर प्रौद्योगिकियों जैसे कि घरेलू उपकरण, कार्यालय उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स, बैटरी सौर ऊर्जा, नैनो तकनीक, अर्धचालक आदि चीजों के लिए मानक तैयार करता है। जिससे उत्पाद की संगतता के साथ पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इसके अलावा IEC यह जांचने के लिए कि, कोई उपकरण अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर रहा है या नहीं। इसके लिए अनुरूपता अनुपालन (Conformity Assessment) योजनाओं का निर्माण करता है। मौजूदा समय में यह तीन वैश्विक अनुरूपता मूल्यांकन प्रणालियों के प्रबंधन का काम कर रहा है। यह मूल्यांकन प्रणालियां यह देखती है कि क्या उपकरण या घटक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है या नहीं।

IEC की स्थापना कब हुई?

IEC यानी कि इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन ( IEC Full Form In Hindi) की स्थापना 1906 में की गई थी। International Electrotechnical Commission Established In 1906. आज के समय में 89 देश IEC के सदस्य है और IEC का मुख्यालय जेनेवा में है।

IEC के सदस्य और नेशनल कमिटी

IEC की सदस्यता करीब 89 देशों के साथ है जिनमें भारत भी शामिल है। IEC के सदस्य अपने देशों की कंपनियों, व्यवसाय और नियामक निकायों तथा शिक्षण संस्थानों के साथ इलेक्ट्रोटेक्निकल हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं। IEC सदस्यों को मिलाकर एक कमेटी बनाई गई जिससे नेशनल कमेटी NC कहा जाता है। यह कमेटी तथा इसके सदस्य अपने राष्ट्र के इलेक्ट्रोटेक्निकल हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं। कुछ नेशनल कमेटी यहां सार्वजनिक क्षेत्र से है तो कुछ निजी क्षेत्र में काम करते हैं। इसके अलावा कुछ ऐसी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संयोजन से बनी हुई है।

नेशनल कमेटी में विक्रेता, निर्माता, उपभोक्ता, उपयोगकर्ता, सरकारी एजेंसियां साथ ही व्यापार संघ और राष्ट्रीय मानक निकायों के मानक डेवलपर्स भी शामिल है।

IEC के कार्य

  • IEC बिजली, इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रौद्योगिकी से संबंधित सभी वस्तुओं के मानक तैयार करता है।
  • मानकीकरण के माध्यम से यह सभी बिजली, इलेक्ट्रॉनिक तथा प्रौद्योगिकियों से संबंधित उपकरणों में अनुरूपता लाता है जिससे वैश्विक बाजार को लाभ होता है।
  • यह न सिर्फ विश्व व्यापार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है बल्कि उत्पादों प्रणाली और सेवाओं के विकास को भी प्रोत्साहित करता है जिससे पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
  • IEC एक मंच प्रदान करता है जहां विभिन्न कंपनियां, उद्योग, सरकारी, अंतरराष्ट्रीय मानकों को लेकर बैठक और चर्चा कर सकती है।
  • सभी IEC अंतरराष्ट्रीय मानव सर्व सम्मितियों पर आधारित होते हैं। ऐसे में इसके कार्यों में यह भाग लेने वाला प्रत्येक राष्ट्र के हितधारकों की जरूरतों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
  • IEC के इंटरनेशनल स्टैंडर्ड में हर राज्य को रखा गया है भले ही कोई राज्य कितना भी बड़ा और छोटा क्यों ना हो इसके के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड में आता है।

IEC के कानून और प्रक्रियाएं

IEC कि कानून और प्रक्रियाओं को एक सरकारी दस्तावेज में शामिल किया गया है। इस दस्तावेज़ में सभी राष्ट्रीय समितियों के सदस्यों, IEC ऑफिसर और प्रबंधन बोर्ड के अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया है।

IEC मानकीकरण की प्रक्रिया में कौन भाग लेता है?

आई सी के मानकीकरण की प्रक्रिया में कई उद्योग सरकार परीक्षण अनुसंधान प्रयोगशाला, उपभोक्ता समूह समेत 20000 विशेषज्ञ भाग लेते हैं।

IEC के मानक के निम्नलिखित फायदे हैं:-

  1. यह Market Share में बढ़ोतरी करता है।
  2. इंटरओपरेबल (interoperable) क्षमताओं को एकीकृत करता है।
  3. उत्पाद के प्रदर्शन को सुनिश्चित करता है।

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निष्कर्ष (Conclusion):

इस तरह हम कह सकते हैं कि अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कमीशन या IEC का विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक तकनीकी उपकरणों के मानकों को निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही वजह है कि आज दुनिया भर में इसके कई सदस्य हैं। IEC से संबंधित इस पोस्ट में हमने जाना IEC Full Form In Hindi क्या होता है? IEC क्या है? IEC की स्थापना कब हुई। IEC के सदस्य कौन है? IEC क्या कार्य करता है? हमें आशा है कि IEC से संबंधित इस पोस्ट में आपको सभी तरह की जानकारियां मिल चुकी होंगी। यदि आप इससे संबंधित कुछ अन्य जानकारी चाहते हैं तो Comment Box में हमें बताएं।