DCE क्या है? DCE के लिए प्रवेश प्रक्रिया क्या है?

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सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स (DCE Full Form) काफी ज्यादा लोकप्रिय कोर्स माना जाता है। इस कोर्स की अवधि 3 साल की होती है। इसमें छात्रों को कई परियोजनाओं जैसे कि पुलों, इमारतों, सड़कों तथा अन्य ढांचागत इमारतों का निर्माण करना और उनका संरचनात्मक खाका तैयार करना, डिज़ाइन योजना बनाना, योजनाओं का निष्पादन करना आदि के बारे में बताया जाता है। इस लोकप्रिय होते कोर्स में कई छात्र Admission  हासिल करने के इच्छुक होते हैं। हालांकि जानकारियों के अभाव की वजह से वे इस कोर्स को नहीं कर पाते। इसीलिए हम इस आर्टिकल के माध्यम से आपको DCE Course की सभी जानकारियां प्रदान करेंगे, तो चलिए जानते हैं DCE के बारे में:-

DCE Full Form

DCE Full Form “Diploma In Civil Engineering” होता है, जबकि DCE Full Form In Hindi “सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा” होता है। दोस्तों बहुत सारे बच्चे सिविल इंजीनियरिंग करना चाहते है तो यह लेख उनके लिए है क्यूंकि इस लेख में हम बात करेंगे DCE के बारे में और साथ में उस से जुडी अन्य जानकारी भी निचे दी गई है जैसे की DCE कोर्स की फीस क्या है और DCE करने के लिए Best College कौनसे है इत्यादि।

DCE क्या है?

सिविल इंजीनियरिंग कोर्स को इंजीनियरिंग की सबसे पुरानी शाखाओं में से एक माना जाता है। यह मुख्यतः निर्माण, डिजाइन के लिए जिम्मेदार होता है। DCE में Construction Planning के बारे में बताया जाता है। किसी भी डिजाइन को तैयार करने का काम Architect करता है। यह निर्माण कार्य डिजाइन के अंतर्गत किया जाता है।

अब यह निर्माण कार्य क्या सचमुच डिजाइन के अंतर्गत किया जा रहा है या नहीं यह सुनिश्चित करने का काम सिविल इंजीनियर करता है। DCE डिप्लोमा कोर्स की अवधि 3 साल की होती है तथा इस कोर्स में छह Semester होते हैं। इन 6 Semester में संरचनात्मक इंजीनियरिंग, परिवहन इंजीनियरिंग, पर्यावरण इंजीनियरिंग, भू-तकनीकी इंजीनियरिंग जैसे विषयों के बारे में पढ़ाया जाता है

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DCE Full Form

DCE Course के लिए Educational Qualification

  • DCE कोर्स करने के लिए छात्रों को दसवीं पास करना जरूरी है। बहुत से छात्र दसवीं के बाद ही इस कोर्स को Join कर लेते हैं। वहीं कई छात्र 12वीं के बाद इस कोर्स में Admission  लेते हैं। इन छात्रों को किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल से 50% अंकों के साथ पास होना जरूरी होता है।
  • आरक्षित वर्ग के छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया में 5 फ़ीसदी अंको की छूट हासिल होती है।
  • इसके अलावा DCE कोर्स में PCM stream अनिवार्य मानी जाती है।
  • इसके अलावा कई राज्यों में DCE कोर्स करने के लिए छात्रों को प्रवेश परीक्षा देना पड़ता है। इस परीक्षा में उतीर्ण होने के बाद ही छात्र Polytechnic College में प्रवेश हासिल कर पाते है।

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DCE के लिए प्रवेश प्रक्रिया

Diploma In Civil Engineering (DCE Full Form) में प्रवेश हासिल करने के लिए 2 विकल्प होते हैं। बहुत सारे Colleges में इस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया Merit के आधार पर होती है, जबकि कई Colleges में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा देना पड़ता है आइए जानते हैं इनके बारे में।

मेरिट के आधार पर प्रवेश

  • बहुत से Colleges में छात्रों को उनके द्वारा लाए गए अंकों के आधार पर Admission दिया जाता है। इसके लिए कई Colleges और विश्वविद्यालय से संबंधित जानकारी अपनी वेबसाइट पर या फिर समाचार पत्रों के जरिए देती है।
  • इसलिए हमेशा समाचार और विभिन्न विश्वविद्यालय की Website पर अपनी नजर बनाए रखें और अंकों के हिसाब से प्रवेश हासिल करने के लिए College जाएं।
  • जानकारी के लिए आपको बता दें, प्रवेश की तारीख का निर्णय Colleges और विश्वविद्यालय करते हैं।

प्रवेश परीक्षा के आधार पर

  • जो छात्र Entrance Exam के तहत Colleges और विश्वविद्यालय में Admission हासिल करना चाहते हैं, उन्हें कुछ पंजीकरण शुल्क अदा करना पड़ता है। साथ ही Online Portal पर जाकर पंजीकरण फॉर्म भरना होता है।
  • इसलिए छात्रों को समय रहते पंजीकरण फॉर्म को Fill करना और उसके बाद अपनी फीस जमा करनी होती है।
  • पंजीकरण होने के बाद परीक्षा की तारीख तय की जाती है, तो इस तारीख से 72 घंटे पहले Admit Card जारी किया जाता है।
  • Admit Card में परीक्षा की तिथि, परीक्षा का स्थान और परीक्षा के समय की जानकारी दी जाती है।
  • परीक्षा के बाद, परीक्षा परिणाम की घोषणा होती है और इसी के आधार पर छात्र Cut off list व दस्तावेजों की जांच कर अपना Admission हासिल कर सकते हैं।

राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाएं

भारत में कई राज्यों में इस कोर्स में Admission के लिए छात्रों को कुछ प्रवेश परीक्षाओं से होकर गुजरना जरूरी होता है। आइए जानते हैं विभिन्न राज्यों में किस तरह की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।

  • DCECE :-Bihar Diploma Certificate Entrance competitive examination
  • DSRRAU PAT :- Polytechnic Admission Test Rajasthan
  • Kerala Polytechnic College Admission  Test
  • Punjab PET:- Punjab Joint Entrance Test
  • Odisha DET:- Odisha Diploma Entrance Test
  • Delhi CET
  • APJEE :- Arunachal Pradesh Joint Entrance Examination

DCE कोर्स की Fees

वैसे तो DCE Course की फीस अलग-अलग Colleges और राज्यों में अलग होती है। हालांकि इसकी Fees 5,000 से लेकर 50,000 सालाना हो सकती है। अगर आप DCE किसी सरकारी संस्थान से करते है तो आपको Diploma In Civil Engineering (DCE Full Form) के लिए कम फीस देनी पड़ेगी। DCE की सटीक फीस के बारे में जानकारी के लिए आप उस कॉलेज की Official Website पर जाकर देख सकते है।

DCE कोर्स के लिए Top Colleges

  • जामिया मिलिया इस्लामिया
  • गलगोटिया विश्वविद्यालय
  • चंडीगढ़ विश्वविद्यालय
  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी
  • वीरमाता जीजाबाई प्रौद्योगिकी संस्थान
  • वालचंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
  • नरूला प्रौद्योगिकी संस्थान
  • श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी

DCE में Career Opportunities

किसी भी Course को करने वाले छात्रों के मन में यह सवाल उठता है कि उस Course को करने के बाद उनके पास भविष्य की क्या संभावना है? बहुत से छात्र Diploma In Civil Engineering (DCE Full Form) करने के बाद आपने आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। ऐसे में यह छात्र सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के बाद सिविल इंजीनियरिंग में Advance Diploma या फिर एडवांस डिप्लोमा इन सर्वे, एडवांस डिप्लोमा इन स्ट्रक्चरल डिजाइन, कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में एडवांस डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स इन बिल्डिंग डिजाइन तथा निर्माण प्रबंधन में सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।

वहीं बहुत से उम्मीदवार DCE कोर्स पूरा करने के बाद आगे नौकरियों के अवसर की तलाश में रहते हैं, तो हम आपको बता दें वर्तमान समय में डिप्लोमा इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग की मांग काफी ज्यादा बढ़ गई है। इस वजह से इस क्षेत्र में करियर के अनगिनत विकल्प सामने आ चुके हैं। DCE कोर्स करने के बाद सरकारी और निजी क्षेत्रों में नौकरी की गई संभावनाएं मौजूद है।

इसके अलावा विश्व भर में कई निर्माण कार्य किए जा रहे हैं तथा इन सभी निर्माण कार्य में सिविल इंजीनियरिंग की जरूरत होती है। इस कोर्स को करने के बाद आप कई IT और Software कंपनियों में नौकरी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कई स्कूल, विश्वविद्यालय, सरकारी फर्म में भी रोजगार के कई अवसर मौजूद हैं।

सिविल इंजीनियर की Salary

विभिन्न राज्य सरकारों ने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने वाले छात्रों को विभिन्न पदों पर आरक्षण भी दिया है। इस कोर्स को करने वाले छात्रों के वेतन की बात करें तो यह पूरी तरह से उनके अनुभव और जिस कंपनी में वे कार्यरत हैं, उस पर निर्भर करता है। हालांकि इस क्षेत्र में शुरुआती वेतन 15,000 से लेकर 30,000 मासिक हो सकता है।

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निष्कर्ष (Conclusions)

दोस्तों इस पोस्ट के जरिए हमने जाना कि DCE Full Form क्या है? DCE क्या होता है? तथा DCE के लिए Educational qualification, DCE की प्रवेश प्रकिया आदि के बारे में है। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद भी अगर आपके मन में DCE से संबंधित कोई भी प्रश्न हो तो हमें Comment Section में पूछे। Post अच्छा लगा हो तो इसे सोशल मीडिया में Share करना ना भूलें।